पाकुड़ में अवैध पत्थर खनन मामले की एसीबी जांच तेज,कान्हूपुर खदान में हुई बारीकी से पड़ताल
Pakud News

पाकुड़ संवाददाता । झारखंड–पश्चिम बंगाल सीमा से सटे क्षेत्र में सरकारी और रैयती जमीन पर कथित अवैध पत्थर खनन के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। इस प्रकरण की जांच अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दुमका की टीम के दायरे में आ गई है।
टीम ने शुक्रवार को पाकुड़ पहुंचकर मामले से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की और उसके बाद मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के कान्हूपुर स्थित खदान का स्थल निरीक्षण किया।

एसडीओ और खनन कार्यालय से जुटाई गई जानकारी
डीएसपी स्तर के अधिकारी और पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में पहुंची एसीबी टीम ने पहले एसडीओ कार्यालय से मामले से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया। हालांकि एसआईआर-2026 के कार्य में व्यस्तता के कारण एसडीओ साइमन मरांडी से मुलाकात नहीं हो सकी।
इसके बाद टीम जिला खनन कार्यालय पहुंची और वहां उपलब्ध सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच की।
कान्हूपुर खदान में किया गया निरीक्षण
दस्तावेजों की समीक्षा के बाद एसीबी टीम सीधे कान्हूपुर खदान पहुंची, जहां अधिकारियों ने खनन क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्थल से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ भी की।
जांच के दौरान पूरे क्षेत्र की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की गई, जिससे मामले की तकनीकी और भौगोलिक स्थिति का विश्लेषण किया जा सके।
9.71 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला पाकुड़ अंचल के सिंगडडा, कसियाडांगा और कान्हूपुर मौजा की लगभग 9.71 एकड़ जमीन पर कथित अवैध पत्थर उत्खनन से जुड़ा है।
पूर्व में प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई थी कि यहां सरकारी और रैयती दोनों प्रकार की जमीन प्रभावित हुई है। उस समय तीनों मौजा में जमीन की मापी भी कराई गई थी।
सीमावर्ती क्षेत्र तक खनन की आशंका
प्रशासनिक जांच में यह भी संकेत मिला था कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मुरारोई थाना क्षेत्र के राजग्राम की ओर से खनन गतिविधियां चलाते हुए झारखंड की सीमा तक उत्खनन किया गया है।
इसके बाद अंचल अधिकारी की ओर से ट्रेस मैप सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला खनन विभाग को भेजी गई थी।
एसडीओ ने दी जानकारी
एसडीओ साइमन मरांडी ने बताया कि एसीबी टीम के आने की जानकारी उन्हें थी, लेकिन एसआईआर कार्य में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अब तक जांच से संबंधित कोई विस्तृत रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
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