बालूमाथ में कोयला वाहनों के प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
balumath news

लातेहार। बालूमाथ क्षेत्र में कोयला वाहनों के लगातार परिचालन से उड़ने वाली धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। प्रदूषण के कारण आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उपायुक्त संदीप कुमार ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि कोयला परिवहन के दौरान धूल-कणों के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए।

निर्देश के तहत लातेहार के अनुमंडल पदाधिकारी को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में बैठक आयोजित करने को कहा गया है। बैठक में जिला परिषद सदस्य, प्रखंड प्रमुख, मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसमें कोयला कंपनियों एवं अन्य वाहनों से होने वाले धूल और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ सड़क सुरक्षा तथा आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़े उपायों पर भी चर्चा होगी।
प्रशासन ने कोयला परिवहन मार्गों पर जमा होने वाली धूल की नियमित सफाई के लिए टिपर, ट्रॉली, ऑटोमेटिक स्वीपिंग मशीन, वाटर स्प्रिंकलर और एंटी-फॉगिंग मशीन जैसे संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया है। इसके अलावा सफाई मित्रों की नियुक्ति, घर-घर से कचरा उठाव और उपयोगकर्ता शुल्क की वसूली के लिए समिति अथवा एनजीओ के गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का निर्धारित समय में अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही पूरी कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
![]()





