भागवत कथा में गूंजा भक्ति और शरणागति का संदेश, भीष्म प्रसंग पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
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पाकुड़ संवाददाता। हिरणपुर प्रखंड के धोवाडांगा में बजरंग युवा क्लब की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पूज्य श्री सत्यम जी महाराज ने भगवान की भक्ति, शरणागति और उनकी कृपा से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण और भीष्म पितामह से संबंधित प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
अंतिम समय में भीष्म ने किया प्रभु का स्मरण
कथा के दौरान महाराज ने बताया कि बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म पितामह ने अपने अंतिम समय में भी भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। उन्होंने अपना मन सदैव भगवान के चरणों में लगाए रखने की कामना की। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश दिया गया।

इसके बाद राजा परीक्षित के जन्म, उन्हें मिले श्राप और श्रीशुकदेव जी के आगमन की कथा सुनाई गई। महाराज ने बताया कि मृत्यु के लिए सात दिन शेष रहने की जानकारी मिलने के बाद राजा परीक्षित ने सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान की कथा सुनने का निर्णय लिया।
भगवान कपिल के अवतार का भी हुआ वर्णन
कथा में सृष्टि के विस्तार, मनु की कन्याओं और विभिन्न वंशों के विस्तार का प्रसंग भी सुनाया गया। इसी क्रम में माता देवहूति और कर्दम ऋषि के घर भगवान कपिल देव के अवतार की कथा का वर्णन किया गया। कथावाचक ने श्रद्धालुओं को जीवन में आध्यात्मिक चिंतन और सदाचार अपनाने का संदेश दिया।
भक्ति और सद्कर्म से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश
श्री सत्यम जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए भक्ति, आत्मज्ञान और सद्कर्म का मार्ग अपनाना चाहिए। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।

क्लब सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में बजरंग युवा क्लब के अध्यक्ष चंद्रमोहन साहा, सचिव शंभू साहा, उपाध्यक्ष संजय साहा समेत क्लब के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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