
गुमला /घाघरा , 14 सितंबर 2026
खनन प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर हिंडालको कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को ईटकीरी और देवाकी के बीच मुख्य सड़क पर ग्रामीणों ने जाम लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान खास बात यह रही कि आंदोलनकारियों ने केवल बॉक्साइट लदे ट्रकों को रोका, जबकि आम लोगों के आवागमन को बाधित नहीं किया गया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि कंपनी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर बॉक्साइट का खनन कर मुनाफा कमा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ईटकीरी से सेरेंगदाग तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बारिश के मौसम में यह मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। खराब सड़क के कारण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन चालक इस रास्ते पर जाने से मना कर देते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

ग्रामीणों ने दावा किया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके अलावा उन्होंने पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी उठाया।
आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुंजाम पाट क्षेत्र में कई भूमि रैयत मजदूरों को यह कहकर नोटिस दिया गया है कि उनकी जमीन में बॉक्साइट समाप्त हो गया है, और उन्हें काम से हटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे अन्यायपूर्ण करार दिया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक सड़क जाम और धरना जारी रहेगा। उन्होंने सड़क किनारे टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन विरोध जारी रखने का ऐलान किया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।
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