अमड़ापाड़ा में दुर्गापूजा की भव्य तैयारी, 5500 वर्गफुट में बनेगा महलनुमा पंडाल
102वें वर्ष के आयोजन में 15 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा होगी आकर्षण; 16 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

पाकुड़ संवाददाता। अमड़ापाड़ा प्रखंड स्थित वैष्णवी दुर्गामंदिर में वर्ष 2026 के दुर्गापूजा समारोह को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति की ओर से मंदिर परिसर में महलनुमा भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। बीते 20 अगस्त से रोजाना 20 से 25 कारीगर दिन-रात पंडाल निर्माण में जुटे हैं। समिति की ओर से पंडाल, विद्युत सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
5500 वर्गफुट में बनेगा मुख्य पंडाल
पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी अमड़ापाड़ा के भगत डेकोरेटर्स को दी गयी है। प्रोपराइटर उत्तम भगत के अनुसार मुख्य पूजा पंडाल करीब 5500 वर्गफुट में तैयार किया जा रहा है। वहीं शिव-पार्वती मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए करीब 3500 वर्गफुट का अतिरिक्त पंडाल बनाया जा रहा है। निर्माण में प्रतिदिन करीब 25 कारीगर काम कर रहे हैं। मुख्य पंडाल पर लगभग 13 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। षष्ठी पूजा तक मुख्य पंडाल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

15 फीट ऊंची प्रतिमा बनेगी आकर्षण
इस वर्ष मां दुर्गा की करीब 15 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। प्रतिमा पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध मूर्तिकार द्वारा तैयार की जा रही है। समिति अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत लगातार सदस्यों के साथ तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
1924 में हुआ था मंदिर का निर्माण
वैष्णवी दुर्गामंदिर में इस वर्ष दुर्गापूजा का 102वां वर्ष मनाया जाएगा। समिति अध्यक्ष ने बताया कि बांसलोई नदी के किनारे स्थित मां दुर्गा एवं शिव-पार्वती मंदिर का निर्माण वर्ष 1924 में अंग्रेजों के समय कराया गया था। शुरुआती दौर में मंदिर काफी छोटा था, लेकिन समय के साथ इसका विस्तार होता गया। मंदिर को गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। वर्ष 1924 से यहां प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती रही है।
विद्युत सज्जा से जगमगाएगा बाजार
दुर्गापूजा के दौरान अमड़ापाड़ा बाजार को भी आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। मंदिर और पूजा पंडाल के अलावा मुख्य सड़क के दोनों ओर तथा बाजार के विभिन्न हिस्सों में लाइटिंग की जाएगी। विशाल लाइट गेट भी बनाए जाएंगे। विद्युत सज्जा के लिए चंदन नगर से विशेष टीम बुलायी जाएगी। पूरे बाजार क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।
समिति के अनुसार पंडाल और विद्युत सज्जा पर करीब 18 लाख रुपये, जबकि पूरे दुर्गापूजा आयोजन पर 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
16 सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समिति विशेष तैयारी कर रही है। पंडाल, मंदिर के गर्भगृह और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए पंडाल में अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था भी रहेगी।
समिति अध्यक्ष बबलू भगत ने कहा कि 102वें वर्ष के आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। भव्य पंडाल, 15 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा, आकर्षक विद्युत सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था इस वर्ष पूजा के प्रमुख आकर्षण होंगे।
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