टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा, लक्ष्य के अनुरूप जांच नहीं होने पर सिविल सर्जन नाराज
लापरवाही बरतने वाले कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश, शत-प्रतिशत टेस्टिंग और एक्स-रे जांच पर जोर

पाकुड़ संवाददाता। सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने अपने कार्यालय कक्ष में यक्ष्मा (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की। बैठक में जिले की अद्यतन रैंकिंग, टीबी मरीजों की टेस्टिंग, एक्स-रे जांच, लाभार्थियों को राशि का भुगतान तथा पोषण किट वितरण समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
लक्ष्य के अनुरूप जांच नहीं होने पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान जिले में टीबी मरीजों की टेस्टिंग और एक्स-रे जांच की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर सिविल सर्जन ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर वेतन रोकने का निर्देश
सिविल सर्जन ने लगातार खराब प्रदर्शन करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में जल्द सुधार नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शत-प्रतिशत जांच और पोषण किट वितरण पर जोर
बैठक में सभी टीबी मरीजों की शत-प्रतिशत टेस्टिंग और एक्स-रे जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही लाभार्थियों के खातों में समय पर राशि का भुगतान तथा चिन्हित सभी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
सिविल सर्जन ने अधिकारियों एवं कर्मियों से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
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