महेशपुर हत्याकांड में दोषी सोबेन मरांडी को उम्रकैद, जांच अधिकारी की लापरवाही पर कोर्ट सख्त
एडीजे-1 की अदालत ने लगाया 2 लाख रुपये जुर्माना, पीड़िता को दी जाएगी पूरी राशि; मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी फैसले की प्रति

पाकुड़ संवाददाता। पाकुड़ के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को महेशपुर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में दोषी सोबेन मरांडी (31), निवासी नरगी टोला, महेशपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला सत्र वाद संख्या 30/2024 से संबंधित है। अदालत ने जांच में लापरवाही बरतने को लेकर अनुसंधान अधिकारी सब-इंस्पेक्टर कैला उरांव की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।
अदालत ने फैसले की प्रति झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पाकुड़ एसपी को भेजते हुए जांच अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

चश्मदीद के बयान से सामने आया घटनाक्रम
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पुलिस ने पांच गवाह प्रस्तुत किए। इनमें महत्वपूर्ण गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने के बाद न्यायालय ने हमले में घायल हुई मृतक की पत्नी से कई सवाल किए। पीड़िता ने घटना की रात हुई पूरी वारदात का विवरण अदालत के समक्ष रखा।
न्यायालय ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध मौखिक साक्ष्यों को विश्वसनीय माना। लोक अभियोजक लुकास कुमार हेम्ब्रम ने भी अदालत के समक्ष दलील दी कि अनुसंधान अधिकारी की लापरवाही के कारण न्याय प्रभावित नहीं होना चाहिए।
अनुसंधान में लापरवाही पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, अनुसंधान अधिकारी सब-इंस्पेक्टर कैला उरांव द्वारा मामले की जांच में कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई। जब्ती सूची से संबंधित प्रदर्श अदालत में प्रस्तुत नहीं किए गए। हत्या में इस्तेमाल तलवार और खून से सने कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया। इसके अलावा इंजरी रिपोर्ट भी समय पर न्यायालय के रिकॉर्ड पर नहीं लाई गई।
इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने संबंधित उच्च अधिकारियों को फैसले की प्रति भेजकर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
शादी का दबाव बनाने का आरोप
दर्ज फर्दबयान के अनुसार, दोषी सोबेन मरांडी सूचिका सोनोती टुडू पर शादी करने का दबाव बना रहा था। आरोप है कि इससे पहले उसने सोनोती टुडू का अपहरण भी किया था। परिजनों द्वारा इसका विरोध करने पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
तलवार से हमला, एक की मौत
घटना 18 नवंबर 2023 की रात करीब 11 बजे की बताई गई है। आरोप के अनुसार, सोबेन मरांडी तलवार लेकर घर में घुसा और सो रहे मदन टुडू तथा रोशो मुर्मू पर हमला कर दिया। तलवार से किए गए हमले में मदन टुडू की मौत हो गई, जबकि रोशो मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी सोबेन मरांडी को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई।
उम्रकैद के साथ 2 लाख रुपये जुर्माना
अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 और 307 के तहत सश्रम आजीवन कारावास, धारा 326 के तहत सात वर्ष तथा धारा 452 के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इसके अलावा दोषी पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत पीड़िता को अतिरिक्त मुआवजा उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।
अदालत के इस फैसले से जहां पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं अनुसंधान में लापरवाही को लेकर न्यायालय की सख्त टिप्पणी ने पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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