खान एवं खनिज संशोधन कानून और चंदा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
साहिबगंज में खान एवं खनिज संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन

बरहरवा संवाददाता। जिला कांग्रेस कमिटी, साहेबगंज की ओर से गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को खान एवं खनिज संशोधन कानून तथा चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर स्टेशन चौक, साहेबगंज में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह साहेबगंज जिला प्रभारी डॉ. मुन्नम संजय मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। नेताओं ने झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों, राज्य के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जताई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान ने कहा कि झारखंड केवल देश का खनिज भंडार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जमीन, जीवन और आजीविका से जुड़ा राज्य है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा पर निर्णय लेते समय स्थानीय लोगों के अधिकार, राज्य के हित और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस राज्य के अधिकारों को सीमित करने वाली किसी भी व्यवस्था का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और उद्योग के विरोध में नहीं है। पार्टी चाहती है कि झारखंड में उद्योग आएं और रोजगार के अवसर बढ़ें, लेकिन विकास के नाम पर प्राकृतिक संपदा और लोगों के अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खनिज संपदा के दोहन का लाभ स्थानीय लोगों, राज्य और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचना चाहिए।
चंदा चोरी के मुद्दे पर बरकतुल्लाह खान ने कहा कि जनता से जुड़े धन के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आने पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्य अतिथि डॉ. मुन्नम संजय ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन जिस राज्य की धरती से संसाधन निकलते हैं, वहां के लोगों को भी उसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज से जुड़े कानूनों में बदलाव का असर राज्य के राजस्व, रोजगार, पर्यावरण, विस्थापन और आदिवासी-मूलवासी समुदायों के जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल जनहित में होना चाहिए और उसका उचित लाभ झारखंड की जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों के अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।
चंदा चोरी के आरोपों को लेकर डॉ. मुन्नम संजय ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि आज का धरना केवल विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और जनता के हितों की रक्षा का संकल्प है।
धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, साहेबगंज को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम में अनुकूल चंद्र मिश्रा, मुर्शाद अली, बासुकीनाथ यादव, मोहम्मद कलीमुद्दीन, उमेश पांडेय, अनिल पांडेय, अशोक कुमार दास, सरफराज आलम, मोहम्मद सलाउद्दीन, ऐनुल हक अंसारी, अली कुरैशी, सुष्मिता किंडो, नूरजहां बीबी, मंगल पासवान, मोहम्मद बदरुद्दूजा, गणेश साहा, संटू यादव, रणजीत टुडू, डॉ. विमलदेव भगत, उमेश तिवारी, डॉ. सद्दाम हुसैन, औरंगजेब, अल्ताफ हुसैन, कौसर आलम, परवेज आलम, सतीश पासवान, रियाज, निहाल अख्तर, शारिक रब्बानी, मो. सफातुल्ला, अब्दुल करीम, विकास कुमार सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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