साहिबगंज में गंगा का जलस्तर घटा,दियारा में बाढ़ का असर बरकरार; 500 से अधिक राहत पैकेट बांटे
सात गांवों में 500 से अधिक राहत पैकेट बांटे गए, जलजनित बीमारियों के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट

कोटालपोखर संवाददाता। साहिबगंज। गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद साहिबगंज के दियारा क्षेत्र में बाढ़ की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। रविवार को गंगा का जलस्तर 27.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सोमवार सुबह छह बजे इसके घटकर 27.73 मीटर पहुंचने का अनुमान है। जलस्तर में कमी के बाद भी गंगा से सटे कई गांवों में बाढ़ का पानी जमा है।
जलस्तर घटा, गांवों में अब भी पानी
गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद सदर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। रामपुर दियारा क्षेत्र के दुर्गा स्थान टोला, रामपुर टोला, टोपरा, बलवा टोला सहित करीब आधा दर्जन गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। वहीं, नगर परिषद क्षेत्र के निचले इलाकों में भी नालियों और निचले स्थानों पर पानी जमा है।

बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीणों के सामने घर और घरेलू सामान की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में हैं। वहीं, पशुओं को भी बाढ़ के पानी से बचाने के लिए ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
सात गांवों में 500 से अधिक राहत पैकेट वितरित
बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से रविवार तक सदर प्रखंड के रामपुर, टोपरा, बलवा टोला, दुर्गा स्थान सहित सात गांवों में 500 से अधिक राहत पैकेट वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों को चूड़ा, गुड़, बिस्कुट और पेयजल उपलब्ध कराया गया।
प्रशासन की ओर से राहत सामग्री के वितरण के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित टीमों को प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
पानी घटा, लेकिन बीमारी का खतरा
बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद लोगों की मुश्किलें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। जलजमाव वाले इलाकों में स्वच्छ पेयजल, भोजन और साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है। दूषित पानी के इस्तेमाल से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से दूषित पानी का इस्तेमाल नहीं करने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। लोगों को विशेष रूप से पेयजल की स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
दियारा क्षेत्र में प्रशासन अलर्ट
गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है, इसके बावजूद प्रशासन ने दियारा क्षेत्रों में सतर्कता बरकरार रखी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होती है या बाढ़ की स्थिति गंभीर होती है तो जोखिम न लें और परिवार के सदस्यों तथा पशुओं के साथ तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
एसडीओ अमर जॉन आईनद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। जलस्तर में कमी को देखते हुए संबंधित इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन कर रही हैं।
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