रिपोर्ट: कोटालपोखर संवाददाता
साहिबगंज। जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत मोतीपहाड़ी पंचायत के राजहंस गांव में अंधविश्वास का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सांप के काटने से मृत 38 वर्षीय मंगल मुर्मू के शव को स्वजनों ने मौत के आठ दिन बाद एक कथित गुरु के कहने पर कब्र से बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई की रात मंगल मुर्मू को जहरीले सांप ने हाथ में डंस लिया था। परिजन उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए कबड़ोना ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्वजनों ने ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार शव को ताबूत में रखकर दफना दिया था।
बताया जाता है कि बाद में एक कथित गुरु ने परिवार को यह विश्वास दिलाया कि मंगल मुर्मू अभी जीवित हैं और कब्र से निकालने पर वे फिर से जीवित हो जाएंगे। इसी अंधविश्वास के चलते बुधवार को स्वजनों ने कब्र की खुदाई कर ताबूत बाहर निकाला।
ताबूत खोलने पर शव मृत अवस्था में मिला और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद स्वजनों ने शव को पुनः उसी स्थान पर दफना दिया। इस घटना से परिजनों को गहरा सदमा पहुंचा है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने अंधविश्वास से दूर रहने और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक दावों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।