लातेहार। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा प्रज्ञाकुंज, चंदनडीह में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर परिवार, समाज और विश्व के कल्याण की कामना की।
हवन के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि जीवन के अंधकार को दूर कर सही मार्ग दिखाने वाले होते हैं। गुरु के ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा से ही व्यक्ति का चरित्र निर्माण होता है तथा समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है। उन्होंने सभी से गुरु के बताए आदर्शों को अपने व्यवहार में उतारने और सेवा, सद्भाव तथा संस्कारों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रार्थना की और समाज में भाईचारे, नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति भाव से जुड़े रहे।
इस आयोजन को सफल बनाने में लव तिवारी, उर्मिला देवी, अनिता देवी, सुधा देवी, भोला प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद सहित गायत्री परिवार के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।