reported by
Prashant Kumar Sinha,
गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत दूधपानियां निवासी स्वर्गीय परमेश्वर महतो के 40 वर्षीय पुत्र हुलास महतो जो पिछले एक महीनों से दुबई की जेल में बंद हैं।उनके परिजन मदद के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं औ वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं।सुनहरे भविष्य का सपना आंखों में सजाए कई युवा विदेशों में कमाने जाते हैं और अपने सपनों को मूर्त रूप देते हैं। जब सपने पूरे होते हैं तो परिवार की किस्मत भी बदल जाती है, लेकिन जब वही सपने डरावनी सच्चाई का रूप ले ले तो परिजनों के आंखों में आंसू और डर झलकने लगता है।
ऐसा ही कुछ गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधपानियां के हुलास महतो के साथ हुआ है, जो पिछले 28 मई 2026 से अबू धाबी की जेल में बंद हैं और अपनों से मिलने के लिए तड़प रहे हैं।हुलास महतो पिछले 11 मार्च 2026 को एनसीसी कंपनी में काम करने के लिए दुबई गया था। जहां पिछले 28 मई को गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बनपुरा निवासी बलदेव सिंह और तमिल युवक के साथ दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।लेकिन बलदेव सिंह और तमिल युवक को 11 जून 2026 को दुबई पुलिस ने रिहाई होने के बाद वहां से मुंबई भेज दिया और दोनों अपने-अपने घर सुरक्षित लौट आए हैं।
जबकि हुलास महतो की अभी तक रिया ही नहीं हो सकी है। हुलास महतो की रिहाई नहीं होने की खबर के बाद से विकलांग पत्नी धानेश्वरी देवी,बूढ़ी मां डीलेश्वरी देवी,पुत्र इंद्र कुमार और बेटी बेबी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।परिजन अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है।
प्रवासी मजदूरों के हित काम करने वाले सिकन्दर अली ने हुलास महतो के घर पहुंचकर मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को आश्वासन दिया कि सभी जरूरी कागजात इकट्ठा किए जाएं, ताकि इस मामले को सरकार और संबंधित एंबेसी तक पहुंचाया जा सके।वहीं सरकार से हुलास महतो की रिहाई एवं वतन वापसी की अपील की है।