पाकुड़ संवाददाता : जिले में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के कथित रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। सदर प्रखंड के नवरोतनपुर पंचायत अंतर्गत रामचंद्रपुर गांव में ग्रामीणों ने एक कैफे संचालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उस पर नकली जन्म प्रमाण पत्र बनाने और लोगों से मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब मिली जब वे आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पहुंचे। जांच के दौरान कई लोगों को पता चला कि उनके पास मौजूद जन्म प्रमाण पत्र मान्य नहीं हैं। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और लोगों को ठगी का एहसास हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई महीनों से यह अवैध काम चल रहा था। आरोप है कि प्रति प्रमाण पत्र 2 हजार से 10 हजार रुपये तक वसूले गए। सच्चाई सामने लाने के लिए ग्रामीणों ने योजना बनाकर आरोपी को दोबारा प्रमाण पत्र बनाने के बहाने गांव बुलाया और पकड़ लिया।
घटना की सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी अरविंद कुमार बेदिया और मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर जांच-पड़ताल की और आरोपी कैफे संचालक को हिरासत में लेकर थाना ले गए, जहां उससे पूछताछ जारी है।
ग्रामीणों ने मुफस्सिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और वसूली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस फर्जी रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने लोग इसका शिकार बने हैं।