रामगढ़।रामगढ़ जिले में साइबर अपराधियों द्वारा अपने ही रिश्तेदारों के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर लाखों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रामगढ़ एसपी अजय कुमार के निर्देश पर साइबर सेल की सक्रियता से इस गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में रामगढ़ शहर के नईसराय बस्ती निवासी **मो. सरफराज उर्फ सोनू** तथा रजरप्पा थाना क्षेत्र के जरियो गांव निवासी **अबू तालिब उर्फ अबू कलाम** शामिल हैं। बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए एसपी अजय कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी 30 वर्ष से कम उम्र के हैं और उन्होंने अपने ससुराल पक्ष की महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया।
एसपी ने बताया कि अबू तालिब का ससुराल कुजू ओपी क्षेत्र के **करमा जमुआ गांव** में है, जहां उसकी पत्नी की चार भाभियां (रिश्ते में सरहज) रहती हैं। आरोपियों ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज प्राप्त किए। इसके बाद **इंडियन ओवरसीज बैंक की मरार शाखा** में उनके नाम से खाते खुलवाए गए।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने महिलाओं के नाम पर **सिम कार्ड भी निकलवाए**, जिनका इस्तेमाल वे स्वयं करते थे। 9 दिसंबर 2025 को खाते खुलने के तुरंत बाद ही इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन शुरू हो गया। जांच में सामने आया कि **असम और कर्नाटक** राज्यों से साइबर ठगी के जरिए कुल **46 लाख 23 हजार 901 रुपये** इन खातों में मंगाए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब असम और कर्नाटक में ठगी के शिकार लोगों ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बैंक से खाताधारकों की जानकारी लेने पर सामने आया कि जिन महिलाओं के नाम पर खाते खुले थे, वे स्वयं अपने नंदोई द्वारा ठगी का शिकार हुई थीं।
इस संबंध में कुजू ओपी क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी **रूबी खातून** ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि अबू तालिब और मो. सरफराज ने उसके तथा उसकी तीन गोतनियों के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और जियो कंपनी के सिम कार्ड का इस्तेमाल कर संगठित रूप से साइबर ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।