रिपोर्टिंग : प्रेम कुमार साहू, घाघरा (गुमला)
घाघरा प्रखंड के तुरियाडीह गांव में शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं को आयोग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा थीं। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने बिजली की अनियमित आपूर्ति, पेयजल संकट, जर्जर सड़कों की समस्या, मनरेगा कार्यों की धीमी प्रगति, राशन वितरण में अनियमितता, धूमकुड़िया एवं आंगनबाड़ी सेवाओं की कमी तथा पेंशन योजनाओं में आ रही दिक्कतों को विस्तार से रखा।
अपने संबोधन में आशा लकड़ा ने कहा कि “जनसंवाद का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करना है। ग्रामीण निडर होकर अपनी बात रखें, और प्रशासनिक व्यवस्था समस्याओं के त्वरित समाधान पर कार्य करे।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें तुरंत सुलझाया जाए तथा शेष मामलों को प्राथमिकता के साथ उच्च स्तर पर भेजा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी ग्रामीण की बात अधिकारी नहीं सुनते, तो सीधे आयोग को सूचित किया जा सकता है। उन्होंने जनजातीय परंपरा, संस्कृति और अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार, पेंशन, वनाधिकार, महिला सुरक्षा इत्यादि विषयों पर विशेष चर्चा हुई। कई विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी दी तथा अनेक मामलों का वहीं पर निवारण किया।
कार्यक्रम में उपस्थित असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों का बुके देकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी, बीडीओ दिनेश कुमार, कल्याण पदाधिकारी गणेश राम, पंचायत समिति सदस्य रामवृत उरांव, आशीष सोनी, अशोक कुमार, सतीश बंसल, दीपांकर कुमार, घुड़ा उरांव, संतराम उरांव, सावित्री कुजूर, उर्मिला देवी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।