बसंत कुमार गुप्ता ,ब्यूरो प्रमुख गुमला
गुमला:- सोमवार को मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, राँची, झारखण्ड एवं भारतीय लोक कल्याण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान विशेष घटक योजना के तहत् अनुसूचति जातियों के लाभुकों के पारम्परिक वाद्ययंत्र के कौशल विकास हेतु 25 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभ उद्घाटन ग्राम – जरजत्ता, प्रखण्ड रायडीह, जिला – गुमला में किया गया।
विशेष घटक योजना के तहत् अनुसूचित जातियों के लाभुकों के पारम्परिक वाद्ययंत्र के कौशल विकास हेतु 25 दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्ता देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, गुमला, विजय सिंह बिरवा जिला परिवहन पदाधिकारी गुमला, अमित कुमार मिश्रा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी,रायडीह,सुरेश वाल्टन तिर्की, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र गुमला , मांदर सम्राट मानपुरन नायक,वरिष्ठ लोक कलाकार, राजेंद्र कुमार मीणा अनुभव अधिकारी, कृषि मंत्रालय भारत सरकार, सुदेश टांक विभाग अधिकारी, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार,रविकांत अनुभाग अधिकारी, डाक विभाग भारत सरकार, नई दिल्ली, सूरज कुमार जिला समन्वयक, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, हरे कृष्णा साहू, प्रखण्ड समन्वयक, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जारजट्टा मुखिया मार्था एकका,उप मुखिया
खुशमारेन एक्का, कुणाल कुमार सिंह, सचिव, भारतीय लोक कल्याण संस्थान के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी ने अपने संबोधन में कहे की इस 25 दिवसीय लोकवाद्य यंत्र निर्माण प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अनुसूचति जातियों के लाभुकों पारम्परिक वाद्ययंत्र के कौशल विकास कर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना, आय सृजन करना एवं समुदाय को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि क्षेत्र से प्रवास को रोका जा सके। इसके अलावा पारम्परिक वाद्ययंत्र के प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर लोगों को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक रूप से पूर्णरूपेण सशक्त बनाना है।
वरिष्ठ लोक कलाकार औरमांदर सम्राट मनपुरन नायक ने कारीगरों को संबोधित करते हुए वाद्य यंत्रों की श्रेणियां के बारे में बताएं और उनके निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी और उन्हें बजाकर भी बताया ।
जिला परिवहन पदाधिकारी विजय सिंह बीरवा पारंपरिक धरोहरों को संरक्षित और विकसित करने की बात कही , कार्यशाला मिल का पत्थर साबित होगा।
प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार मिश्रा ने गांव की कारीगरों की सराहना करते हुए उन्हें हर संभव मदद देने की बात कही साथ ही साथ वे भी कारीगरों के साथ मांदर बजाए और गीत भी गाए।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को पारम्परिक वाद्ययंत्र संबंधी टूलकीट, स्टेशनरी तथा बैग उपलब्ध कराया गया।
विशेष घटक योजना के तहत् अनुसूचति जातियों के लाभुकों के पारम्परिक वाद्ययंत्र के कौशल विकास हेतु 25 दिवसीय प्रशिक्षण को सफल बनाने में भारतीय लोक कल्याण संस्थान के कार्यक्रम प्रबंधक प्रदीप चौधरी ,राजकुमार, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक प्रशांत सुमन, प्रशिक्षक श्री बिरसा घासी, सहायक प्रशिक्षक गुरुचरण घासी की सराहनीय भूमिका रही एवं ग्राम – जारजट्टा के कूल 20 सहभागियों की सहभागिता रही।