झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: 7890 चापाकल लगेंगे, गोड्डा में बनेगा पशु आहार कारखाना
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल के लिए 545 करोड़ रुपये मंजूर, नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को भी स्वीकृति

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, सिंचाई, सड़क निर्माण, शिक्षा और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के 263 प्रखंडों में 7890 चापाकलों की स्थापना, गोड्डा में पशु आहार कारखाना लगाने, जमशेदपुर में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण और सरायकेला-खरसावां में मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना सहित कई योजनाओं पर निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने, पुलिस थानों में सीसीटीवी व्यवस्था से संबंधित लंबित भुगतान और विभिन्न विभागों में लंबित सेवा मामलों के निपटारे से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी।
7890 चापाकलों की स्थापना पर खर्च होंगे 96.54 करोड़
राज्य में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 263 प्रखंडों में 7890 चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए लगभग 96.54 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर योजना और व्यय की स्वीकृति दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गोड्डा में 51.49 करोड़ से बनेगा पशु आहार कारखाना
दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन योजना के तहत झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा। इसकी क्षमता प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन होगी, जिसे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन किया जा सकेगा। परियोजना की अनुमानित लागत 51.49 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई।
एमजीएम में 500 बेड के अस्पताल के लिए 545 करोड़
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 शय्या वाले अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 545.38 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त झारखंड मेडिको सिटी से संबंधित आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 284.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना और उपकरणों की खरीद के लिए 9.90 करोड़ रुपये की लागत पर कार्य आवंटित करने की स्वीकृति भी दी गई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित दायित्वों के भुगतान को मंजूरी दी गई।
नीमडीह-कुकड़ू सिंचाई योजना पर 607 करोड़ रुपये
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई। चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की इस योजना पर 607.0332 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हजारीबाग जिले की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहरों की लाइनिंग के लिए 32.17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं, नाबार्ड की सहायता से संचालित झारखंड जलछाजन योजना की 28 परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 58.62 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने और परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
गिरिडीह और रांची में सड़क निर्माण को मंजूरी
गिरिडीह जिले में तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। बड़कीटांड से जबरदाहा-निमायीटांड-शंकरडीह-मरजुगुण्डी पथ के 7.783 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए लगभग 40.09 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
मदहालो से अलाकडीहा, भाया खेतको, 7.8 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 37.47 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं, पतालडीह-देवरी-गांवा-सतगांवा पथ के 42.40 किलोमीटर हिस्से की राइडिंग क्वालिटी सुधारने के लिए 37.07 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
रांची जिले में एडरमहातु से बांकी पथ के 5.67 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए लगभग 30.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
आदिवासी बहुल गांवों में विद्युतीकरण पर 184.52 करोड़
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी बहुल गांवों के ऐसे टोले और घरों तक बिजली पहुंचाने की योजना को मंजूरी दी गई, जो अभी तक विद्युतीकृत नहीं हैं। इसके लिए 184.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
सरकारी कर्मचारियों के पेंशन और सेवा मामलों पर फैसले
मंत्रिपरिषद ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में दैनिक वेतनभोगी और अन्य कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण, सेवा अवधि की गणना तथा पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लंबित सेवा मामलों का निपटारा शामिल है।
राज्य कर्मियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए पहले से गठित समितियों को समाप्त कर नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई। राज्य प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली-2026 और झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा की भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों से संबंधित नियमावली को भी मंजूरी मिली।
इसके अलावा विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों के मासिक मानदेय में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
राजकीय पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को मिलेगा इंटर्नशिप प्रशिक्षण
राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम के रांची, दुमका और रामगढ़ केंद्रों के सहयोग से इंटर्नशिप प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

राजकीय विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों के लिए ‘स्टैच्यूट फॉर हेल्थ केयर मैनेजमेंट एंड मेंटल वेलबीइंग-2026’ को स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को विशिष्ट विषयों पर अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराने के लिए झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन और कार्यप्रणाली संबंधी नियमावली को भी मंजूरी मिली।
भूमि अधिग्रहण के लिए बनेगा एकीकृत पोर्टल
राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित करने की स्वीकृति दी गई। इसके माध्यम से भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं के प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य है।
लातेहार जिले के चंदवा अंचल के चकला मौजा में कुल 147.05 एकड़ गैरमजरूआ आम और खास भूमि को चकला कोल परियोजना के लिए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज पर देने की मंजूरी भी दी गई।
पुलिस थानों में सीसीटीवी के लंबित भुगतान को मंजूरी
राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित परियोजना के तहत चयनित परामर्शी कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी को लंबित भुगतान के लिए 1.17528 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र यानी फायर एनओसी की वैधता और नवीनीकरण अवधि में बदलाव को मंजूरी दी गई। जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से राशन दुकानदारों को मुक्त करने के लिए संबंधित नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
वित्तीय सर्वेक्षण और अन्य नीतिगत फैसले
मंत्रिपरिषद ने ‘झारखंड इकोनॉमिक सर्वे 2026-27’ और ‘फिस्कल पॉलिसी स्ट्रैटेजी स्टेटमेंट एंड मीडियम टर्म फिस्कल प्लान 2027-28’ तैयार कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए डॉ. हरीश्वर दयाल और उनकी टीम के चयन तथा 18.375 लाख रुपये के भुगतान को स्वीकृति दी गई।
झारखंड अपशिष्ट जल संशोधन नीति-2026, झारखंड नगरपालिका भूमि/भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली-2026 और खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण, विकास एवं संचालन के लिए झारखंड मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड ब्लॉक डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी गई।
राज्य के खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम की अनुसूची में संशोधन, झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में बदलाव और झारखंड कोषागार संहिता में संशोधन से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।
विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को
मंत्रिपरिषद ने षष्ठम झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के क्रम में 25 और 26 नवंबर 2026 को सदन की विशेष बैठक आयोजित करने की स्वीकृति दी। इसके अलावा राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
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