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पाकुड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, टीबी मरीजों को पोषण सहायता और कुपोषित बच्चों के उपचार पर जोर

डीसी मेघा भारद्वाज ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं,टीकाकरण और अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

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पाकुड़ संवाददाता। जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा कुपोषण और संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने टीबी और कालाजार के मरीजों को शत-प्रतिशत पोषण सहायता उपलब्ध कराने, कुपोषित बच्चों को पोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) तक पहुंचाने के लिए प्रखंडवार कार्ययोजना बनाने और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्रसव सेवाएं शुरू करने की तैयारी पूरी करने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्रसव सुविधा शुरू करने की तैयारी

उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्रसव सेवा शुरू करने की दिशा में आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनकी जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।

पाकुड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, टीबी मरीजों को पोषण सहायता और कुपोषित बच्चों के उपचार पर जोर

सीएचओ और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एमपीडब्ल्यू) के साथ अलग बैठक कर उपलब्ध संसाधनों, समस्याओं और आवश्यकताओं की समीक्षा करने तथा कमियों को दूर करने का भी निर्देश दिया गया।

टीबी-कालाजार मरीजों को मिलेगी पोषण सहायता

टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए डीसी ने संभावित मरीजों की पहचान और जांच में तेजी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। अति जोखिम वाले गांवों में शिविर लगाकर बलगम और एक्स-रे जांच कराने का निर्देश दिया गया।

टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) उपलब्ध कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीबी और कालाजार के मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ाने के लिए सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों और समाज के सक्षम लोगों को अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया।

कुपोषित बच्चों को एमटीसी तक पहुंचाने की बनेगी कार्ययोजना

कुपोषण से निपटने के लिए उपायुक्त ने सभी प्रखंडों की महिला पर्यवेक्षिकाओं के लिए कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार और पर्याप्त पोषण सहायता उपलब्ध कराना है।

ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के दौरान गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाओं और उचित परामर्श की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

फाइलेरिया, कालाजार और मलेरिया की रोकथाम पर जोर

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, मुखिया, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संभावित मरीजों की पहचान और जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

कालाजार और मलेरिया के संभावित मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के साथ मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

बिजली, सौर ऊर्जा और कोल्ड चेन की व्यवस्था होगी दुरुस्त

स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में सौर ऊर्जा और कोल्ड चेन प्वाइंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला स्तर पर जनरेटर की व्यवस्था करने को भी कहा गया, ताकि बिजली की समस्या के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अनुरूप अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने तथा कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर करने का निर्देश दिया गया।

टीकाकरण और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की होगी निगरानी

यू-विन पोर्टल की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और संबंधित आंकड़ों की समय पर ऑनलाइन प्रविष्टि करने को कहा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ओपीडी और आईपीडी सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा डिजिटल स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट रखने का निर्देश दिया गया।

स्कूलों में स्वास्थ्य जांच, तंबाकू नियंत्रण पर सख्ती

डीसी ने जिले के सभी विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने और उमंग दिवस का व्यापक स्तर पर आयोजन करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कोटपा अधिनियम के तहत जांच और कार्रवाई अभियान तेज करने तथा विद्यालयों को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

विभागीय समन्वय से योजनाओं को मिलेगी गति

बैठक में 15वें वित्त आयोग और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा के लिए अलग बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने जेएसएलपीएस, पंचायती राज, शिक्षा और आईसीडीएस सहित संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, डीएस, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला मलेरिया पदाधिकारी, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), वेक्टर जनित रोग नियंत्रण (वीबीडी) सलाहकार सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

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