
रिपोर्ट: प्रेम कुमार साहू, घाघरा (गुमला)
घाघरा प्रखंड के अरंगी पंचायत में 15वें वित्त आयोग की योजना में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। खम्भिया गांव में संजय साहू के घर के पास प्रस्तावित आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य बिना शुरू हुए ही लाखों रुपये की निकासी कर ली गई।
जानकारी के अनुसार, योजना संख्या 8/2025-26 के तहत 2 लाख 50 हजार रुपये की लागत से पुलिया निर्माण होना था। लेकिन धरातल पर एक भी काम नहीं हुआ—न तो मिट्टी की खुदाई और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य। इसके बावजूद दो किस्तों में कुल ₹2 लाख 24 हजार की राशि निकाल ली गई। पहली किस्त में ₹1 लाख 17 हजार और दूसरी में ₹1 लाख 7 हजार की निकासी की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पुलिया बनना था, वहां बरसात के समय पानी भर जाता है और कई बार घरों में भी पानी घुस जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामसभा के माध्यम से पुलिया निर्माण की मांग की गई थी। योजना स्वीकृत भी हुई, लेकिन काम शुरू होने से पहले ही राशि निकाल ली गई।
कनीय अभियंता की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे मामले में पंचायत के कनीय अभियंता जीवन एक्का की भूमिका सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना काम हुए ही मापी पुस्तिका (एमबी) तैयार कर दी और फर्जी जियो-टैग फोटो अपलोड कर योजना को पूरा दिखा दिया। जबकि तकनीकी रूप से हर योजना का निरीक्षण और प्रमाणन उन्हीं के द्वारा किया जाता है।
पंचायत सचिव पर भी उठे सवाल
पंचायत सचिव आशिक मीर की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। योजना की पूरी कागजी प्रक्रिया—शुरुआत से लेकर भुगतान तक—उनके हस्ताक्षर से पूरी की गई। आरोप है कि उन्होंने बिना काम हुए ही सभी दस्तावेज तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी, जिसमें मुखिया के हस्ताक्षर भी शामिल हैं।
अधिकारी नहीं दे रहे जवाब
इस मामले में जब पंचायत सचिव आशिक मीर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं कनीय अभियंता जीवन एक्का ने व्यस्तता का हवाला देकर बाद में बात करने की बात कहकर फोन काट दिया।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन
जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. शिशिर कुमार सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वे स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और सरकारी राशि की रिकवरी कराई जाएगी। साथ ही, यदि कोई कोऑर्डिनेटर दोषी पाया गया तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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