Jharkhand: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) रांची के उप महाप्रबंधक सुमन सौरव साहू ने शनिवार को मसालिया–रनेस्वर मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
यह महत्त्वाकांक्षी परियोजना जल संसाधन विभाग, झारखंड एवं Larsen & Toubro (एलएंडटी) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। इसका उद्देश्य वंचित एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान श्री साहू एवं उनकी टीम ने मुरगुनी बैराज, इनटेक पंप हाउस, कंट्रोल रूम, पंपिंग स्टेशन, डिलीवरी चैंबर्स तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला का जायजा लिया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता श्री पी.पी. सिंह, कार्यकारी अभियंता श्री सुशील टुड़ू सहित जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एलएंडटी के साइट इंजीनियरों ने परियोजना की भौतिक प्रगति से अवगत कराते हुए भूमि स्वीकृति, समय-सीमा विस्तार एवं लागत वृद्धि से संबंधित चुनौतियों पर भी चर्चा की।
श्री साहू ने निर्माण स्थलों पर नाबार्ड का समुचित डिस्प्ले बोर्ड लगाने तथा प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्पन्न होने वाले मुद्दों को नाबार्ड के माध्यम से उचित मंच पर उठाया जाए।
₹1,350 करोड़ लागत वाली इस मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना को नाबार्ड द्वारा आरआईडीएफ (ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि) के तहत वित्तपोषित किया गया है, जिसमें लगभग ₹1,100 करोड़ का ऋण शामिल है।
दौरे के समन्वय में जिला विकास प्रबंधक सुबेंदु कुमार एवं नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक की सक्रिय भूमिका रही।