बोकारो : झारखंड सरकार ने बालू की किल्लत और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए बड़ी पहल की है। झारखण्ड सैंड माइनिंग रूल्स -2025 के तहत बालू घाटों को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि कैटेगरी-1 के सभी बालू घाट पंचायतों के अधीन रहेंगे, जहां आम लोगों को मात्र 1 सौ रूपये में 100 सीएफटी यानी एक ट्रैक्टर बालू उपलब्ध कराया जाएगा।
कैटेगरी-1 में बोकारो जिले के पिचरी-2 और चलकरी बालू घाट (दामोदर नदी, पेटरवार प्रखंड) शामिल हैं। इन घाटों से पंचायत के मुखिया ट्रैक्टर, बैलगाड़ी व अन्य साधनों से चालान काटकर बालू का आवंटन कर सकेंगे।
वहीं कैटेगरी-2 में चलकरी, खतका-चलकरी (दामोदर नदी, पेटरवार), होसिर केंड और होसिर (बोकारो नदी, गोमिया) बालू घाट रखे गए हैं, जहां सरकार द्वारा रॉयल्टी चालान की व्यवस्था लागू होगी। इसके अलावा कैटेगरी-3 में चांपी-खतका बालू घाट को शामिल किया गया है, जहां जेएसएमडीसी द्वारा एमडीओ का चयन किया गया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतर बालू घाट पंचायतों के माध्यम से संचालित हों, ताकि ग्रामीणों और आम लोगों को सस्ती दर पर बालू मिल सके और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण हो।