रिपोर्ट : प्रेम कुमार साहू,
घाघरा (गुमला)।
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दिनेश कुमार मंगलवार को सुदूरवर्ती झलकापाट गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आदिम जनजाति परिवार की मृतका सुकरी कोरबा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें चावल व कंबल का वितरण किया। साथ ही गांव में सरकारी योजनाओं के लाभ पहुंचाने को लेकर विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
बीडीओ के अनुसार झलकापाट गांव में कुल 16 परिवार निवास करते हैं, जिनके घर एक-दूसरे से काफी दूर स्थित हैं। शिविर के माध्यम से छूटे हुए लाभुकों में से दो लोगों की पेंशन स्वीकृत की गई, एक आयुष्मान कार्ड बनाया गया तथा छह लोगों का ई-केवाईसी अपडेट किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली और सड़क की समस्या प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती महिला सुकरी कोरबा को झिलगी में बोहकर लगभग एक किलोमीटर दूर एम्बुलेंस तक लाया गया था। बाद में घाघरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। यह मामला पूर्व में समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर गांव में शिविर का आयोजन किया गया।
मौके पर बीडीओ दिनेश कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आप सभी के साथ है और किसी भी समस्या की जानकारी प्रशासन को दें। उन्होंने स्वास्थ्य सहिया को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से 7 से 10 दिन पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा में शिफ्ट कराया जाए, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं आंगनबाड़ी सेविका को गांव के बच्चों का सर्वे कर आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
इससे पूर्व बीडीओ दिनेश कुमार पुलिस एवं अन्य कर्मियों के साथ चार चक्का वाहन से दुर्गम रास्ते होते हुए काड़ासिल्ली गांव तक पहुंचे, जहां से वाहनों को खड़ा कर लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर झलकापाट गांव पहुंचे। बीडीओ ने सड़क समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने की बात भी कही।
शिविर में बीपीओ बेबी कुमारी, अशोक कुमार, सतीश बंसल, शहीद, मृतका के परिजन, आंगनबाड़ी सेविका, सहिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।