बरहड़वा।आरपीएफ पोस्ट बरहड़वा की टीम ने बीते चार दिनों में मानव तस्करी और बाल सुरक्षा के खिलाफ लगातार मुहिम चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान कुल 12 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर बाल संरक्षण मंथन, साहिबगंज को सुपुर्द किया गया और दो मानव तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
इस अभियान के तहत बुधवार की रात को आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार, एचसी बी.के. यादव, कांस्टेबल अनिल कुमार साह और अजय कुमार स्टेशन परिसर में गश्त पर थे। रात करीब 8.30 बजे प्लेटफॉर्म के विभिन्न हिस्सों में पांच नाबालिग लड़कों और एक नाबालिग लड़की को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखा गया।
मामले की जानकारी देते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि पूछताछ में सभी बच्चों ने अपने नाम और पता पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा और साहिबगंज जिले के बरहेट और मिर्जाचौकी थाना क्षेत्रों के निवासी बताया है।
पूछताछ में दो बच्चों ने बताया कि वे पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से भाग गए थे, तीन अन्य बच्चे बिना बताए काम की तलाश में पश्चिम बंगाल जा रहे थे। वहीं, 12 वर्षीय एक लड़की ने बताया कि उसका भाई उसे मिर्जा चौकी से पश्चिम बंगाल ले जा रहा था,
लेकिन रास्ते में छोड़कर चला गया। जब ट्रेन बरहरवा स्टेशन पर रुकी, तो वह वहीं उतर गई। आरपीएफ टीम ने सभी नाबालिगों को पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बाल संरक्षण मंथन, साहिबगंज को सौंप दिया है।
जानकारी हो कि इससे पूर्व पिछले तीन दिनों में बरहड़वा पुलिस ने आरपीएफ की टीम ने अन्य अभियानों में छह नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर बाल संरक्षण मंथन को सुपुर्द किया था और दो मानव तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरपीएफ पुलिस इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में यह अभियान लगातार जारी है। टीम द्वारा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नियमित गश्त, निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जा रही है।
आरपीएफ की इन लगातार सफल कार्रवाइयों से न केवल मानव तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगा है, बल्कि कई मासूम बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाया गया है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने आरपीएफ टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।