बिशुनपुरा (गढ़वा)। विजयदशमी के पावन अवसर पर विशुनपुरा थाना प्रभारी राहुल सिंह ने समस्त क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है, जो हमें सामाजिक कुरीतियों से लड़ने की प्रेरणा देता है।
थाना प्रभारी ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का अंत कर बुराई पर विजय प्राप्त की थी, उसी प्रकार आज के युग में महिला उत्पीड़न, अंधविश्वास, भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियां और बेरोजगारी ही आधुनिक रावण हैं। विजयदशमी जैसे पर्व हमें यह संकल्प लेने का अवसर देते हैं कि हम इन बुराइयों के विरुद्ध आवाज उठाएं और समाज को एक नई दिशा दें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विजयदशमी का सही अर्थ तभी पूरा होगा, जब हम इन सामाजिक बुराइयों का अंत कर सकें। हर नागरिक को चाहिए कि वह अच्छाई के मार्ग पर चले और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपना योगदान दे।
राहुल सिंह ने कहा, “दशहरा हमें यह सिखाता है कि असत्य, अन्याय और पाप चाहे कितना भी बलशाली क्यों न हो, अंततः उसकी पराजय निश्चित है। इसलिए यह पर्व केवल रावण दहन और मेलों तक सीमित न रहे, बल्कि यह आत्मचिंतन और समाज सुधार का अवसर बने।”
थाना प्रभारी के इस संदेश को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सराहा।
प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक जागरूक होगा, तभी हमारी बेटियां एक सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर सकेंगी।
बीडीसी प्रतिनिधि भुनेश्वर राम ने कहा कि अंधविश्वास और भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रशासन और जनता को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा। तभी समाज में सच्ची प्रगति संभव है।
शिक्षक अशोक कुमार मेहता ने युवाओं से अपील की कि वे बेरोजगारी और कुरीतियों के खिलाफ जागरूक हों और सकारात्मक सोच के साथ समाज निर्माण में जुटें। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग जागेगा, तभी राष्ट्र को सही दिशा मिलेगी।
इस प्रकार विजयदशमी का पर्व हमें आत्ममंथन करने, सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने और एक जागरूक, सशक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।