लातेहार – लातेहार में रविवार को पहली बार आयोजित डिजिटल क्रिएटर महाकुंभ ने जिले और राज्य के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। इस विशेष आयोजन में झारखंड के कई जिलों से यूट्यूबर्स, रील क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और ब्लॉगर बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में बालूमाथ निवासी उप-मंडल पदाधिकारी (एसडीएम) प्रवीण कुमार सिंह ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में इनफ्लुएंसर्स और क्रिएटर्स सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ट्रेंड क्रिएटर, विचार जनक और समाज को दिशा देने वाले असली डिजिटल सितारे हैं। “आज का दिन वास्तव में खास है, क्योंकि हम सब ऐसे मंच पर जुटे हैं जो नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी क्रांति का प्रतीक है,” उन्होंने कहा।
एसडीएम ने जोर देकर कहा कि आज का भारत एक डिजिटल भारत बन चुका है, जहाँ बड़े शहर ही नहीं बल्कि गाँव-गाँव से युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने माना कि यह बदलाव सिर्फ बड़े कॉर्पोरेट या तकनीकी कंपनियों के कारण नहीं, बल्कि युवा क्रिएटर्स की मेहनत और कल्पनाशीलता से संभव हुआ है।
उन्होंने कहा, “आप लोग सिर्फ कंटेंट नहीं बनाते — आप ट्रेंड बनाते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और कभी-कभी समाज को दिशा भी देते हैं। चाहे वह यूट्यूब हो, इंस्टाग्राम, फेसबुक या कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म — आपकी आवाज़ लाखों लोगों तक पहुँचती है।”
एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आज के क्रिएटर्स केवल मनोरंजन में सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों जैसे गंभीर विषयों पर भी उत्कृष्ट सामग्री प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
तीन विशेष संदेश क्रिएटर्स के लिए
अपने संबोधन में उन्होंने क्रिएटर्स से तीन अहम बातें साझा कीं:
- जवाबदेही (Responsibility) – हर पोस्ट और वीडियो लाखों दर्शकों तक पहुँचती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि सामग्री जानकारीपूर्ण, सकारात्मक और समाज को जोड़ने वाली हो।
- अपना ब्रांड बनाएं – आज का दौर पर्सनल ब्रांडिंग का है। अपनी पहचान को इस तरह विकसित करें कि लोग आपके नाम से प्रेरणा लें और आप पर भरोसा करें।
- स्थिरता और मानसिक सेहत – डिजिटल दुनिया की तेज़ रफ्तार में लाइक्स और फॉलोअर्स की दौड़ के बीच अपनी मानसिक सेहत और जीवन का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
सरकार की पहल पर प्रकाश
उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल क्रिएटर्स को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाएं युवाओं को अवसर दे रही हैं, ताकि वे न केवल कंटेंट बनाकर बल्कि अपना डिजिटल बिज़नेस भी स्थापित कर सकें।
एसडीएम ने यह भी कहा, “आप सभी डिजिटल युग के नए नेता हैं। आप कलम, कैमरा और कीबोर्ड से क्रांति ला रहे हैं। बदलाव लाने के लिए बड़े मंच की जरूरत नहीं होती — बस एक सच्ची सोच और डिजिटल दुनिया का सही उपयोग चाहिए।”