रांची से अजीत कुमार की रिपोर्ट, रांची :- व्यक्तिगत जीवन में साधना करने से अंतरात्मा में रामराज्य की स्थापना होगी; परंतु सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में रामराज्य की स्थापना के लिए हमें अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार, अनैतिकता और अराजकता के विरुद्ध लड़ना होगा। हमारे विचार और व्यवहार हिंदू संस्कृति के अनुकूल होने चाहिए। ‘हैलो’ नहीं, बल्कि नमस्कार या ‘राम-राम’ कहना, यह हमारी संस्कृति है; ‘टीवी’ पर धारावाहिक देखना नहीं, बल्कि ‘कीर्तन-भजन’ देखना, यह हमारी संस्कृति है; कोई अभिनेता नहीं, बल्कि राम-कृष्ण हमारे संस्कृति द्वारा दिए गए…