अमरापाड़ा कोल साइडिंग से कोयला ढुलाई में नियमों की अनदेखी पर 19 वाहनों पर कार्रवाई,4 लाख का चालान
50 भारी वाहनों की हुई जांच, ओवरलोडिंग और बिना तिरपाल कोयला परिवहन पर परिवहन विभाग सख्त; 24 घंटे में जुर्माना जमा करने का निर्देश

रिपोर्ट : केशव तिवारी,
पाकुड़।अमरापाड़ा कोल साइडिंग से कोयला ढुलाई में परिवहन नियमों की अनदेखी करने वाले भारी वाहनों पर जिला परिवहन विभाग ने शिकंजा कस दिया है। गुरुवार को जिला परिवहन पदाधिकारी मोहम्मद मोजाहिद अंसारी के नेतृत्व में चलाये गये सघन जांच अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 19 वाहनों पर 4,01,001 रुपये का ऑनलाइन चालान किया गया। ओवरलोडिंग, बिना तिरपाल कोयला ढुलाई और वैध ड्राइविंग लाइसेंस के अभाव जैसे मामलों में विभाग ने सख्त कार्रवाई की।
50 वाहनों की जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
अमरापाड़ा कोल साइडिंग से पाकुड़ और दुमका रेलवे साइडिंग की ओर जाने वाले कोयला लदे भारी व्यावसायिक वाहनों को जांच के दायरे में लिया गया। अभियान के दौरान करीब 40 से 50 वाहनों के कागजात और परिवहन नियमों के अनुपालन की जांच की गयी। कोयले की ओवरलोडिंग, बिना तिरपाल ढुलाई और चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके साथ ही तेज गति से वाहन चलाने, मानक के विपरीत नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न तथा हाई बीम लाइट के अनधिकृत इस्तेमाल की भी जांच की गयी। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की गयी।

24 घंटे में जुर्माना जमा करने का अल्टीमेटम
जिला परिवहन पदाधिकारी ने चालान प्राप्त करने वाले वाहन चालकों को 24 घंटे के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है। चालान की राशि झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.nexgenechallan.gov.in के माध्यम से जमा करने को कहा गया है।
सड़क सुरक्षा को लेकर चालकों को किया जागरूक
कार्रवाई के साथ ही परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। चालकों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा पर्याप्त नींद और आराम के बाद ही लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने की अपील की गयी।
अधिकारियों ने कहा कि वाहन चालकों की जिम्मेदारी केवल माल को गंतव्य तक पहुंचाने की नहीं, बल्कि सुरक्षित घर लौटने की भी है। उनकी आजीविका परिवार के भरण-पोषण का आधार है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन, नियंत्रित गति और सतर्क ड्राइविंग बेहद जरूरी है। चालकों से अपनी सुरक्षा के साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की अपील की गयी।
![]()





