साहिबगंज स्टेशन पर लाल सिग्नल पार कर प्लेटफॉर्म-3 पर पहुंची ट्रेन, 42 मिनट तक रुकी रही एक्सप्रेस
गया-हावड़ा एक्सप्रेस के परिचालन में चूक की आशंका, मालदा रेल मंडल ने शुरू की जांच

साहिबगंज। (रिपोर्ट: निशांत कुमार सोनू) साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर गया-हावड़ा एक्सप्रेस (13024) के परिचालन को लेकर मंगलवार रात कथित चूक का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन लाल सिग्नल पार कर प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बजाय प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंच गई। रात करीब 8:24 बजे हुई इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी। करीब 42 मिनट तक स्टेशन पर रुकी रहने के बाद ट्रेन रात 9:11 बजे हावड़ा के लिए रवाना हुई।
लाल सिग्नल पार करने की परिस्थितियों की जांच
घटना के बाद स्टेशन मास्टर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हो गए। मौके पर परिचालन से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल की गई और मामले की जानकारी मालदा रेल मंडल के अधिकारियों को दी गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में भी इसकी चर्चा होती रही।

जांच का मुख्य बिंदु यह है कि लाल सिग्नल होने के बावजूद ट्रेन आगे किन परिस्थितियों में बढ़ी और प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बजाय प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर कैसे पहुंची। परिचालन के दौरान किसी स्तर पर चूक हुई या इसके पीछे कोई तकनीकी अथवा अन्य कारण था, इसकी पड़ताल की जा रही है।
चालक और गार्ड बदलने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में
रेलवे सूत्रों के अनुसार, साहिबगंज स्टेशन पर ट्रेन के चालक और गार्ड बदलने के साथ परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों का हस्तांतरण भी होता है। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर यात्री शेड के पास सिग्नल लगा हुआ है। ऐसे में ट्रेन के सिग्नल पार करने की परिस्थितियों को समझने के लिए परिचालन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
हालांकि, घटना के पीछे मानवीय चूक, तकनीकी समस्या या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मालदा रेल मंडल को दी गई जानकारी
स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। घटना की जानकारी मालदा रेल मंडल को उपलब्ध करा दी गई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि ट्रेन लाल सिग्नल पार कर आगे किन परिस्थितियों में पहुंची और इसके लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे।
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