पाकुड़ सदर अस्पताल में सिविल सर्जन का औचक निरीक्षण, व्यवस्था सुधारने को दिखाई सख्ती
Pakud News

पाकुड़ संवाददाता ।: सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उन्होंने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम और एसएनसीयू का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई से लेकर चिकित्सकों की उपस्थिति तक पर विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सिविल सर्जन की दो टूक
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की ड्यूटी, मरीजों को मिलने वाले भोजन और अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज और सुविधाओं के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना विभाग की सर्वोच्चलिए प्राथमिकता है। सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। केशव तिवारी के औचक निरीक्षण में सामने आया बंद वाटर फाउंटेन का मामला
अस्पताल परिसर में लंबे समय से बंद पड़ा वाटर फाउंटेन भी निरीक्षण के दौरान चर्चा में रहा। सिविल सर्जन के निर्देश पर इसे तत्काल चालू कराया गया। वाटर फाउंटेन के दोबारा शुरू होने से परिसर की सुंदरता में सुधार हुआ। इस कार्रवाई ने अस्पताल की छोटी-बड़ी व्यवस्थाओं को नियमित रूप से दुरुस्त रखने की आवश्यकता भी उजागर की। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि परिसर में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए और खराब पड़ी व्यवस्थाओं को समय रहते ठीक कराया जाए।
साफ-सफाई से लेकर लेबर रूम तक, हर व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश
सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा बायोमेडिकल वेस्ट का नियमानुसार सुरक्षित निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने लेबर रूम में जीवनरक्षक उपकरणों और आवश्यक सुविधाओं को हर समय दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया, ताकि प्रसव के दौरान आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
मरीजों की सुविधा से कोई समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने साफ संदेश दिया कि सदर अस्पताल में इलाज, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के मामले में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। अब अस्पताल प्रबंधन के सामने इन निर्देशों को नियमित व्यवस्था में बदलने की चुनौती है, ताकि मरीजों को निरीक्षण के दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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