सारजमदा में मना संघ का विजयादशमी उत्सव, नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि..से गूंजा सारजमदा का रोमांटिक मैदा
Jamshedpur news

दीपक कुमार, जमशेदपुर।
जमशेदपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आर. एस. एस. ) के छः उत्सवों में प्रमुख विजयादशमी उत्सव बुधवार को देशभर में मनाया गया। इसी कड़ी में जमशेदपुर जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत परसूडीह नगर के सारजमदा स्थित पानी टंकी रोमांटिक मैदान में विधि पूर्वक विजयादशमी उत्सव स्वयं सेवकों द्वारा मनाया गया।
इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि दक्षिण कालीमाटी पंचायत के मुखिया कालीदास टुडू, मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर विनय कुमार गुप्ता तथा प्रोफेसर एचपी शुक्ला मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा संघ के संस्थापक व प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, माधव सदाशिव राव गोलवलकर, भारत माता , शिवाजी तथा दुर्गा माता के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया साथ ही शस्त्र पूजन किया गया।
यहां आयोजित कार्यक्रम में भगवा ध्वज प्रणाम , समूह गायन , पथ संचलन आदि मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। स्वयंसेवकों द्वारा सामूहिक प्रार्थना के दौरान .. नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि, त्वया हिन्दुभूमे सुखव्ं वर्धितोऽहम् …के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

स्वयंसेवक गुलशन टुडू ने सुंदर गीत प्रस्तुति दी। उठों जवानों, उठों जवानों…, उठों जवानों हम भारत के स्वाभिमान सरताज है , अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की है …
उधर मुख्य अतिथि कालीदास टुडू ने अपने संबोधन के दौरान सबों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए संघ के सेवा कार्यों, स्वयंसेवकों के अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव की सराहना की।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर विनय कुमार गुप्ता ने संघ के स्थापना काल एवं संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भारत जिस रूप में जीवित है तथा विकास के पथ पर अग्रसर है उसमें संघ का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि डॉ. हेगडेवार जी की सोच , व्यक्ति की पूजा से अहंकार आता है , इस लिए भगवा ध्वज को गुरु मानकर पूजन करें । उनकी यह सोच उनकी महानता एवं त्याग को दर्शाता है। जिसका प्रचलन आजतक निरंतर जारी है।
आगे उन्होंने राज्य एवं राष्ट्र के बीच मूल अंतर को समझाया तथा राष्ट्र सेवा के दायित्वों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं से सेवा देने के लिए तत्पर रहने वाले को स्वयंसेवक कहते हैं।
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