Pakud News:बच्ची की मौत के बाद हॉस्टल की बदहाली उजागर, जमीन पर सोते बच्चे; शौचालय तक नहीं
बाड़ू के पुराने पंचायत भवन में वर्षों से हॉस्टल चलाने का आरोप, सरकारी अनुमति पर भी सवाल:10 दिनों के लिए बंद करने का निर्देश

पाकुड़ संवाददाता।पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बाड़ू गांव स्थित मिशन इंडिया मूवमेंट हॉस्टल में आठ वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद वहां की व्यवस्था कटघरे में है। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को न बिस्तर नसीब है और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा। रात जमीन पर गुजरती है, जबकि नहाने और कपड़े धोने के लिए बच्चों को पास की नदी पर जाना पड़ता है। बच्ची की मौत के बाद सामने आयी इन परिस्थितियों ने हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और देखरेख की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। घटना के बाद हॉस्टल को तत्काल प्रभाव से 10 दिनों के लिए बंद करने का निर्देश दिया गया है।

बच्ची की मौत के बाद हरकत में आया हॉस्टल प्रबंधन, बच्चों को ले जाने पहुंचे अभिभावक
रविवार को आठ वर्षीय बच्ची की मौत की घटना के बाद हॉस्टल परिसर में भय और चिंता का माहौल है। मंगलवार सुबह से अभिभावक हॉस्टल पहुंचने लगे और अपने-अपने बच्चों को घर ले गये। हॉस्टल संचालक सुलेमान मालतो ने बताया कि घटना के बाद ऊपर से हॉस्टल को तत्काल प्रभाव से 10 दिनों के लिए बंद करने का निर्देश मिला है। बच्चों को घर ले जाते समय अभिभावकों में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और हॉस्टल की व्यवस्था के प्रति नाराजगी भी दिखी।
जमीन पर रात गुजारते बच्चे,शौचालय के लिए भी इंतजाम नहीं
हॉस्टल में बच्चों के रहने की व्यवस्था को लेकर जो बातें सामने आयी हैं, वे बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बच्चों के अनुसार, सोने के लिए बिस्तर नहीं दिया जाता है और उन्हें जमीन पर ही रात गुजारनी पड़ती है। शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। नहाने और कपड़े धोने के लिए रोजाना पास की नदी पर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मिशन इंडिया मूवमेंट की ओर से पुराने पंचायत भवन में वर्षों से हॉस्टल चलाया जा रहा था, जबकि इसके संचालन के लिए सरकारी अनुमति नहीं ली गयी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बच्चों को आवासीय सुविधा देने वाले इस संस्थान में बुनियादी इंतजामों की निगरानी किस स्तर पर हो रही थी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी थी।
बंदोबस्ती की जमीन पर हॉस्टल,जांच के बाद होगी कार्रवाई : सीओ
अंचल अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हॉस्टल की जमीन बंदोबस्ती की भूमि है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारी को जमीन की जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि सरकारी भवन में हॉस्टल संचालित होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। मामले की जांच करायी जायेगी। नियमों के विरुद्ध संचालन की पुष्टि होने पर उचित कार्रवाई की जायेगी।
जिला शिक्षा अधीक्षक से नहीं मिल सका पक्ष
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक प्रियांशी भगत से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस कारण हॉस्टल के संचालन की अनुमति, बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी को लेकर शिक्षा विभाग का पक्ष नहीं मिल सका।
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