Mahatma Gandhi Kaise Bane Desh Ke Rashtrapita? – Gandhi Jayanti 2026 Ki Puri Kahani
Mahatma Gandhi Kaise Bane

महात्मा गांधी कैसे बने देश के राष्ट्रपिता? गांधी जयंती की असल कहानी
हर साल 2 अक्टूबर को हम गांधी जयंती मनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोहनदास करमचंद गांधी को राष्ट्रपिता किसने कहा और क्यों कहा? आज हम आपको अखबार में छपी खबर के आधार पर पूरी कहानी बता रहे हैं।
गांधी जी का जीवन परिचय
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। उन्होंने इंग्लैंड से वकालत की पढ़ाई की और फिर साउथ अफ्रीका चले गए। वहां उन्होंने गोरे-काले के भेदभाव के खिलाफ पहली बार सत्याग्रह किया।
भारत आने के बाद उन्होंने 1916 में चंपारण सत्याग्रह, 1917 में खेड़ा सत्याग्रह और 1930 में दांडी मार्च किया। उन्होंने बिना हथियार के अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता किसने कहा?
बहुत कम लोग जानते हैं कि महात्मा गांधी को सबसे पहले राष्ट्रपिता *नेताजी सुभाष चंद्र बोस* ने कहा था। 1944 में रंगून से एक रेडियो संदेश में सुभाष चंद्र बोस ने कहा था “भारत के राष्ट्रपिता”। उसके बाद से पूरा देश उन्हें बापू और राष्ट्रपिता कहने लगा।

गांधी जयंती का इतिहास और महत्व
2 अक्टूबर 1869 को जन्मे गांधी जी की जयंती को भारत में राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में सरकारी छुट्टी होती है। साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2 अक्टूबर को *अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence)* घोषित किया।
इस दिन राजघाट पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति उनकी समाधि पर फूल चढ़ाते हैं और देश भर में स्वच्छता अभियान चलाया जाता है।
बापू अपना जन्मदिन कैसे मनाते थे?
बापू अपना जन्मदिन बहुत ही सादे तरीके से मनाते थे। कई बार तो उन्होंने अपना जन्मदिन मनाने से ही मना कर दिया था। साल 1918 में जब देश में अकाल पड़ा था, तब उन्होंने कहा था कि मेरा जन्मदिन मनाने से अच्छा है कि आप गरीबों की मदद करो।
वह अपने जन्मदिन पर भी रोज की तरह चरखा चलाते थे, प्रार्थना सभा करते थे और देश की आजादी के बारे में सोचते थे।
गांधी जयंती से जुड़े 5 महत्वपूर्ण तथ्य जो आपको नहीं पता
- 1.महात्मा गांधी को 5 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन उन्हें कभी यह पुरस्कार नहीं मिला।
2. टाइम मैगजीन ने 1930 में उन्हें Man of the Year चुना था।
3.गांधी जी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 को हुई थी।
4. भारत में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा पटना के गांधी मैदान में है जिसकी ऊंचाई 72 फीट है।
5. गांधी जी ने कहा था – “आप मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं मार सकते।”
महात्मा गांधी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि किसी भी परिस्थिति में अहिंसा का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। आज गांधी जयंती पर हमें उनके बताए हुए सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने का प्रण लेना चाहिए।
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