पाकुड़: मध्याह्न भोजन योजना पर संकट, 9 माह से राशि लंबित; शिक्षकों ने जताई नाराजगी, भुगतान नहीं हुआ तो बंद हो सकता है भोजन
Pakud News

पाकुड़/लिट्टीपाड़ा।सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण मध्याह्न भोजन (Mid Day Meal) योजना इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। बजट के अभाव में यह योजना लगातार प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि पिछले लगभग नौ महीनों से मध्याह्न भोजन की राशि लंबित पड़ी हुई है, जबकि रसोइयों को पिछले करीब तीन महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है।
शिक्षकों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूलों में कार्यरत शिक्षक बच्चों को भूखा न रहने देने की जिम्मेदारी निभाते हुए अब तक अपनी जेब से खर्च कर या स्थानीय दुकानदारों से उधार लेकर राशन, हरी सब्जियां और ईंधन की व्यवस्था कर रहे हैं। लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उधारी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
अब स्थिति यह हो गई है कि कई दुकानदारों ने भी आगे उधार देने से इनकार करना शुरू कर दिया है। इससे विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना को नियमित रूप से चलाना शिक्षकों के लिए बेहद कठिन हो गया है।
सहायक शिक्षकों पर सबसे अधिक असर
शिक्षकों का कहना है कि इस योजना में भुगतान में देरी का सबसे अधिक असर सहायक शिक्षकों पर पड़ रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद वे किसी तरह व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए शिक्षा विभाग और प्रशासन से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है।
गुरु गोष्ठी में उठेगा मामला
सहायक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष ब्रज मोहन ठाकुर ने कहा कि यदि जल्द ही मध्याह्न भोजन की राशि विद्यालयों के खातों में ट्रांसफर नहीं की गई तो योजना का संचालन मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सभी सहायक शिक्षक आगामी गुरु गोष्ठी में सामूहिक रूप से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को लिखित आवेदन देंगे और बकाया भुगतान की मांग करेंगे।
भोजन योजना बंद होने की आशंका
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे सबसे अधिक नुकसान गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को होगा, जिनके लिए यह भोजन पोषण का प्रमुख आधार है।
विभाग का आश्वासन
इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्रभारी बीईईओ लिट्टीपाड़ा प्रियाश्री भगत ने बताया कि विभाग द्वारा भुगतान प्रणाली में बदलाव किया गया है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर विद्यालयों को बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
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