PM मोदी के सलाहकार तरुण कपूर दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे, झरिया की भूमिगत आग और पुनर्वास की करेंगे समीक्षा
बीसीसीएल की खनन परियोजनाओं का लेंगे जायजा, आग प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा व्यवस्था पर अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक

धनबाद संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर सोमवार को दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर धनबाद पहुंचे। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की विभिन्न खनन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का धरातलीय निरीक्षण करना और झरिया कोलफील्ड क्षेत्र में दशकों से जारी भूमिगत आग की स्थिति के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना है।
धनबाद पहुंचने के बाद तरुण कपूर सबसे पहले प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कल्याणेश्वरी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे मैथन डैम स्थित ऐतिहासिक मजूमदार निवास पहुंचे।
तरुण कपूर के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे।

झरिया के आग प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे निरीक्षण
दौरे के दौरान तरुण कपूर झरिया कोलफील्ड के अत्यधिक संवेदनशील और आग प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। इस दौरान भूमिगत आग की वर्तमान स्थिति, इससे उत्पन्न जोखिम और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
वे झरिया मास्टर प्लान के तहत विस्थापित किए जा रहे परिवारों के लिए बनाए जा रहे नए आवासों और उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की जमीनी स्थिति भी परखेंगे। पुनर्वास प्रक्रिया में आ रही समस्याओं और लंबित कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
बीसीसीएल की परियोजनाओं पर भी होगी समीक्षा
तरुण कपूर बीसीसीएल की विभिन्न खनन परियोजनाओं का निरीक्षण करने के साथ कोयला उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और खनन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बीसीसीएल प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे। बैठक में परियोजनाओं की प्रगति और उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।
दौरे के अंतिम चरण में बीसीसीएल, जिला प्रशासन, दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) और पुनर्वास प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसमें लंबित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
तरुण कपूर के इस दौरे को झरिया की भूमिगत आग, पुनर्वास और कोयला खनन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी दौरे के दौरान सामने आने वाले निर्देशों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगे।
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