
काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आने के बाद नदी किनारे के कई इलाके इसकी चपेट में आ गए। तेज रफ्तार पानी के साथ आए मलबे ने कई क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, इस आपदा में अब तक 95 लोगों की मौत की खबर है। वहीं नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 1000 से ज्यादा लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बताया गया है कि इनमें 133 भारतीय नागरिकों समेत 300 से अधिक विदेशी पर्यटक हैं।
सुबह 9 बजे अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ। कुछ ही समय में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए।

बाढ़ इतनी तेज थी कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई इलाकों में संपर्क मार्ग बाधित होने की खबर है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
133 भारतीयों समेत सैकड़ों विदेशी पर्यटक लापता
नेपाल पर्यटन विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लापता लोगों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल हैं। अब तक 1000 से अधिक लोगों से संपर्क नहीं हो सका है, जिनमें 133 भारतीय नागरिक भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 300 से अधिक विदेशी पर्यटकों के लापता होने की सूचना है।
लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल अभियान चला रहे हैं। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, क्षतिग्रस्त सड़कें और तेज बहाव बचाव कार्य के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर के बाद उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल में मौजूद भारतीय अधिकारी भी प्रभावित भारतीय नागरिकों के संबंध में जानकारी जुटाने में जुटे हुए हैं।
फिर मंडरा रहा है बाढ़ का बड़ा खतरा
नेपाली अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक बार फिर गंभीर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का अवरोध या बांध बना हुआ है।
एक नेपाली अधिकारी ने बताया कि यह पानी का बांध कभी भी टूट सकता है। यदि ऐसा होता है तो नदी में एक बार फिर भारी मात्रा में पानी आ सकता है और पहले से प्रभावित क्षेत्रों में तबाही और बढ़ सकती है।

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
राहत-बचाव कार्य जारी, प्रशासन अलर्ट
नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। लापता लोगों की तलाश के साथ ही बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों तक पहुंचना है, जहां बाढ़ के कारण सड़क और संचार संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
बाढ़ की इस भयावह घटना ने नेपाल के रसुवा जिले में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही इस प्राकृतिक आपदा से हुए वास्तविक नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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