पाकुड़िया प्रखंड की पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित,शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं पर हुई चर्चा

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पाकुड़ संवाददाता। पाकुड़िया प्रखंड की सभी पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन कर गांव के विकास, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई। ग्रामसभा में ग्रामीणों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाया गया और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल पर जोर दिया गया।

पंचायती राज सीएससी के मार्गदर्शन में हुई ग्रामसभा

ग्रामसभा की गतिविधियों की देखरेख पंचायती राज सीएससी के बीएम रोशन अंसारी के मार्गदर्शन में की गई। इसमें संबंधित पंचायतों के मुखिया, विद्यालयों के शिक्षक और पंचायत से जुड़े वीएलई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की स्थिति को लेकर भी जानकारी साझा की गई।

पाकुड़िया प्रखंड की पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित,शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं पर हुई चर्चा

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर

ग्रामसभा में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, भवनों की मरम्मत एवं रखरखाव और बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बच्चों के लिए खेल मैदान और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों के समुचित विकास को लेकर चर्चा की गई। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत बताई गई।

बाल विवाह रोकने की अपील

ग्रामसभा में बाल विवाह को गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए इसे रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की गई। बताया गया कि वर्तमान कानूनी प्रावधानों के अनुसार विवाह की न्यूनतम उम्र पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष है।

वृक्षारोपण और सरकारी योजनाओं पर चर्चा

पंचायत क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण को बढ़ावा देने, पौधरोपण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।

ग्रामसभा में बच्चों के लिए खेल मैदान की कमी, बाल विवाह, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ग्रामीण स्तर की समस्याओं के समाधान में मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

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