रिपोर्ट: प्रेम कुमार साहू,
घाघरा। घाघरा प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में मंगलवार को हरतालिका तीज का पर्व धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही सुहागिन महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर पूजा की तैयारियां शुरू कर दीं।
थाना चौक स्थित दुर्गा मंदिर में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक परिधान और सोलह श्रृंगार से सजी महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव के साथ मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं।
मंदिर के पुजारी आचार्य कर्मपाल देवधरिया ने बताया कि भाद्रपद महीने की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम एवं मिलन का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था।
आचार्य देवधरिया ने बताया कि महिलाएं इस दिन अखंड सौभाग्य, संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद रात्रि में शिव-पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर महिलाएं व्रत का समापन करती हैं।
यह पर्व महिलाओं के बीच विशेष महत्व रखता है और पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव व उल्लास के साथ मनाया गया।