लातेहार। व्यवहार न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधवार को तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) कराया गया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री षेष नाथ सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा और यहां कार्यरत कर्मियों एवं आने वाले आगंतुकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आग जैसी आकस्मिक आपदाएं बिना किसी पूर्व चेतावनी के सामने आती हैं, ऐसे में केवल उपकरणों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके सही उपयोग की जानकारी भी अत्यंत आवश्यक है।
श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से कर्मियों में संकट के समय सजगता, निडरता और आत्मनिर्भरता का विकास होता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से प्राप्त प्रशिक्षण को व्यवहार में लाने तथा न्यायालय परिसर को सुरक्षित बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने, अग्निशमन उपकरणों के सही संचालन और जान-माल की सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी सहित न्यायालय के कई कर्मचारी मौजूद रहे।