पाकुड़: जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयुष विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए इन शिविरों में कुल 202 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अच्छी-खासी भागीदारी देखने को मिली। स्वास्थ्य सेवाओं से दूर बसे ग्रामीणों के लिए यह पहल काफी उपयोगी साबित हो रही है।
शिविर में आयुष चिकित्सकों की टीम द्वारा लोगों की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान विशेष रूप से रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर), जोड़ एवं गठिया, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग समेत कई सामान्य और दीर्घकालिक बीमारियों की पहचान की गई। कई ऐसे मरीज सामने आए, जिन्हें पहले अपनी बीमारी के बारे में जानकारी नहीं थी। चिकित्सकों ने मौके पर ही उन्हें आवश्यक परामर्श दिया और आगे की सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया।
आयुष विभाग की ओर से न केवल जांच की व्यवस्था की गई, बल्कि सभी लाभुकों के बीच निःशुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया। आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ लोगों को घरेलू उपचार और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि नियमित योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। लोगों को यह समझाया गया कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और पौष्टिक भोजन के महत्व पर भी चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की। कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहली बार गांव में ही इस तरह की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिली है। दूर अस्पताल जाने में लगने वाला समय और खर्च दोनों की बचत हुई है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह शिविर विशेष रूप से लाभकारी साबित हुआ।
आयुष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से गांव-गांव में इस तरह के शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और समाज को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनाया जा सके।