राँची। राँची जिला प्रशासन की ओर से शिक्षकों के सम्मान में समाहरणालय (ब्लॉक-ए) स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘विशेष पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने की। इस अवसर पर 18 सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा सदर अनुमंडल एवं जिला राजस्व शाखा से सेवा-निवृत्त 2 कर्मियों को शॉल, स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि सभी को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट समेत समस्त पेंशनरी लाभ उपलब्ध करा दिए गए।
सेवानिवृत्ति के दिन ही पूर्ण लाभ: कर्मचारी-हितैषी पहल
उपायुक्त ने कहा कि रिटायरमेंट के दिन ही सभी लाभ देना प्रशासन की कर्मचारी-हितैषी नीति का जीवंत प्रमाण है। इससे सेवानिवृत्त शिक्षक बिना किसी वित्तीय चिंता के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा हर माह इस तरह का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है, ताकि लाभ वितरण समयबद्ध और पारदर्शी रहे।
संवेदनशीलता की मिसाल: स्वयं पहुंचकर किया सम्मान
समारोह का एक भावुक क्षण तब आया, जब उपायुक्त को जानकारी मिली कि सेवानिवृत्त शिक्षक श्री शिवेश्वर महतो (स.शि., राजकीय उत्क्रमित म.वि., डड़िया, बुढ़मू) पैर की समस्या से जूझ रहे हैं। इस पर उपायुक्त स्वयं सभागार से मुख्य द्वार तक पहुंचे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मान व लाभ सौंपा। भावुक होकर श्री महतो ने कहा, “उपायुक्त महोदय का खुद आना और हाथों से सम्मान करना मेरे जीवन का सबसे यादगार पल है।” उपायुक्त ने कहा, “शिक्षक समाज के स्तंभ हैं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन उनके पास पहुंचे, यही सच्ची सेवा है।”
समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षक समाज की नींव हैं। उनकी निष्ठा और समर्पण से नई पीढ़ियां मजबूत होती हैं। हमारा कर्तव्य है कि उनकी सेवानिवृत्ति को सम्मानजनक बनाया जाए।” उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्वस्थ, सक्रिय और सामाजिक रूप से जुड़ा रहने की शुभकामनाएं दीं तथा परिवार के साथ समय बिताने और नई रुचियां विकसित करने का संदेश दिया।
अन्य विभागों के लिए आदर्श मॉडल
उपायुक्त ने विभागाध्यक्षों से अपील की कि वे भी इसी तरह के सम्मान समारोह आयोजित कर समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह मॉडल प्रशासन की जन-केंद्रित और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है तथा कर्मचारियों में विश्वास और संतुष्टि बढ़ाता है।
सम्मानित शिक्षक
इस अवसर पर जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनमें श्री सेवक कुमार साधु (लोयो, माण्डर), श्रीमती क्लौदिया विलुंग (सोसई, माण्डर), श्रीमती उर्सुला कोनगाड़ी (न्यू टूपूदाना), श्री कुमार कनिष्क (हिन्दपीढ़ी), मो. नुमानुल्लाह (मांगुबांध, नामकुम), श्रीमती टोप्पो निर्मला (विजुलिया, रातू), श्रीमती नीलमणी हेरेंज (महेशपुर), श्रीमती ममता तिग्गा (खरदेवरी, बेड़ो), श्री सुभाष कुमार माँझी (हरवागढ़, तमाड़), श्री शिवेश्वर महतो (डड़िया, बुढ़मू), श्री राकेश रंजन (फतेहपुर, लापुंग), श्रीमती सुषमा गोरेती धान (सरसा, लापुंग), श्री राम विलाप नाग (पतराचौली, नगड़ी), श्रीमती आशा कुमारी (चकला, ओरमाँझी), श्री अक्षय कुमार स्वाँसी (असुरकोड़ा, सिल्ली), श्री रामपद नायक (जोबला, सिल्ली), प्रहलाद लोहरा (डुंगरूडीह, सिल्ली) और श्रीमती बिबियाना तोपनो (संत तेरेशा बालिका मध्य विद्यालय, माण्डर) शामिल हैं।
साथ ही सदर अनुमंडल की कार्यालय अधीक्षक श्रीमती प्रमिला देवी और जिला राजस्व शाखा के उच्च वर्गीय लिपिक मो. जुबेर आलम को भी सम्मानित किया गया।
सफल आयोजन के लिए सराहना
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज एवं उनकी टीम तथा जिला स्थापना उप समाहर्ता विवेक कुमार सुमन को विशेष धन्यवाद दिया गया।
राँची जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षकों के सम्मान, पारदर्शी लाभ वितरण और संवेदनशील प्रशासनिक संस्कृति की सशक्त मिसाल बनकर उभरी है।