पाकुड़। बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में अवैध खनन की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी, पाकुड़ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के अनुरूप 99.01 प्रतिशत खनन राजस्व की वसूली की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 1770.12 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 24 फरवरी 2026 तक 1906.09 करोड़ रुपये (107.68 प्रतिशत) की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय कर्मियों की सराहना करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया तथा वित्तीय वर्ष समाप्ति तक लगभग 2100 करोड़ रुपये राजस्व समाहरण का लक्ष्य निर्धारित किया।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने अवैध खनन एवं अवैध परिवहन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित जांच अभियान चलाकर अधिकाधिक प्राथमिकी दर्ज कराना सुनिश्चित करें। माह मार्च 2026 में विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक में चेकनाका व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि चेकनाकाओं पर चौकीदारों के स्थान पर पुलिस बल तथा रोजगार सेवकों के स्थान पर दंडाधिकारियों की रोस्टरवार प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। पाकुड़ अंचल के मालपहाड़ी अंतर्गत चेंगाडांगा –हमरूल पथ पर नव स्थापित चेकनाका को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिला में स्थापित सभी चेकनाकाओं का नियमित निरीक्षण, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा निरीक्षण की छायाचित्र सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। उपायुक्त ने बिजली आपूर्ति एवं विधि- व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार रात्रि 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक क्रशर इकाइयों के संचालन पर रोक सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी ने गत वित्तीय वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई का थानावार प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी कि अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अधिकतम संख्या में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें।