लातेहार: लातेहार स्थित व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) का शनिवार को महेश शरदचंद्र सोनक, माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी तथा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक कामकाज का अवलोकन करते हुए विभिन्न अदालतों का भ्रमण किया और चल रही न्यायिक कार्यवाहियों की जानकारी ली। उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा न्यायालय आने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय का भी दौरा किया, जहां गरीब और जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना न्याय व्यवस्था की प्राथमिकता है।
मुख्य न्यायाधीश ने जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय पहुंचकर स्थानीय अधिवक्ताओं से संवाद किया। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं और न्याय वितरण प्रणाली में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने अधिवक्ताओं से न्यायिक प्रक्रिया को और सुचारु बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर जिले के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी तथा न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। मुख्य न्यायाधीश ने न्याय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि न्यायालयों में बुनियादी सुविधाओं और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।