बरहरवा। पतना प्रखंड के धरमपुर स्थित सीएनआई चर्च का स्थापना पादरी डिप्टी कॉल ने 1880 में की थी। शुरुआत में चर्च को जुबली गिरजाघर के नाम से जाना जाता था, इसके बाद चर्च को नॉर्थ ऑफ इंडिया नाम से जाना जाने लगा।
चर्च के दक्षिणी भाग में स्थित कब्रिस्तान को ईसाई धर्म के लोगों द्वारा ईस्टर संडे के पूर्व साफ सफाई में जुटे हैं। इधर गुड फ्राइडे के दिन लगभग कब्र की साफ सफाई पूरी कर ली गई थी, कब्र को सफेद रंग से रंगकर विभिन्न प्रकार के फुलों व लाइटिंग से सजाने का कार्य भी चल रहा है।
जानकारी के अनुसार यह चर्च आज से करीब 127 साल व कब्र 120 साल पुराना है। कब्र में ईसाई मिशनरियों के कई विदेशी लोगों को भी दफनाया गया है। कब्रिस्तान में 3 मई 1903 में दफनाया गया सबसे पूराना कब्र जोय नारायण है व पूराना कब्र में हेब्बार्लटन मैथ्यू 21 फरवरी 1918 व 23 नवम्बर 1918 को इडिथ जॉन टिलोट नामक एक बच्चे का कब्र शामिल हैं।
- ईस्टर प्रभु येशु पुनरूत्थान का प्रतीक है- प्रभु येशु के विश्वासियों के अनुसार ईस्टर प्रभु येशु मसीह के पुनरूत्थान के खुशी में मनाया जाता है। उनके पुनरूत्थान के याद में सभी विश्वासियों अपने अपने पूर्वजों के कब्रों की सफाई कर उनके सम्मान में प्रार्थना भी करते हैं व पुनरुत्थान में विश्वास व्यक्त करते हैं।