नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही,105 भारतीयों समेत करीब 500 यात्री लापता; दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना

काठमांडू। नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, करीब 500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेज बहाव में कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गांवों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर भी पानी और मलबे का असर पड़ा है। रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबर है। बाढ़ के कारण दर्जनों लोग अपने परिवार और परिचितों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लापता लोगों के परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
भोटे कोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया। इसके बाद नदी का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल गया और देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में इस प्राकृतिक आपदा के पीछे पहाड़ी क्षेत्र में चट्टानों और मलबे के खिसकने की आशंका जताई गई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, नदी के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन या बर्फ-चट्टान के बड़े हिस्से के गिरने से पानी का प्रवाह अचानक बढ़ा हो सकता है।
बाढ़ के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें और पुल टूटने से राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बिजली और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना
नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर सामने आने के बाद भारत सरकार भी सक्रिय हो गई है। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा कुछ रिपोर्टों में 37 एनआरआई के भी लापता होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है और अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर भी सामने आ रहा है।
भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने और उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों से आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क करने की अपील की गई है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में फंसे या लापता भारतीय नागरिकों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए भारतीय मिशन की ओर से आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
भारतीय दूतावास, काठमांडू हेल्पलाइन:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
भारतीय दूतावास की आधिकारिक संपर्क सूची में 24 घंटे उपलब्ध आपातकालीन नंबर +977-9851316807 भी दर्ज है।
लापता व्यक्ति के परिजन यदि संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें संबंधित व्यक्ति का पूरा नाम, पासपोर्ट अथवा पहचान संबंधी उपलब्ध जानकारी, नेपाल में अंतिम ज्ञात स्थान, यात्रा का विवरण और संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इससे बचाव एवं पहचान प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों को मदद मिल सकती है।
राहत और बचाव अभियान तेज
नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, सेना और आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों को प्रभावित इलाकों में लगाया गया है। हालांकि पहाड़ी भूभाग, लगातार बारिश, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण अभियान में काफी चुनौतियां सामने आ रही हैं। कुछ क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की मदद से भी राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ रिपोर्टों में नदी के ऊपरी हिस्से में संभावित अवरोध के कारण दोबारा अचानक बाढ़ आने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
भारत ने नेपाल को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना जताई और राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया। भारत की ओर से राहत सामग्री भेजने की भी तैयारी की गई है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाना है। भारतीय दूतावास लगातार नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, लापता लोगों और हताहतों की संख्या को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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