पाकुड़ संवाददाता
पाकुड़:- पारंपरिक खेती के बीच अब बदलाव की नई कहानी लिख रहे हैं पाकुड़ के किसान उत्तम सहाजी। उन्होंने आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए संरक्षित फूलों की खेती (Protected Floriculture) की शुरुआत की, जिसने न सिर्फ उनकी आय बढ़ाई बल्कि उन्हें क्षेत्र में एक प्रेरणा के रूप में भी स्थापित कर दिया। पहले जहां कम उत्पादन और मौसम पर निर्भरता के कारण खेती में मुनाफा सीमित था, वहीं अब पॉलीहाउस और शेडनेट जैसी तकनीकों के उपयोग से सालभर फूलों का उत्पादन संभव हो पाया है।
उत्तम सहाजी ने कम लागत में बेहतर योजना और मेहनत के बल पर अपनी खेती को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। इस आधुनिक खेती के जरिए वे गुलाब, गेंदा और अन्य सजावटी फूलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। स्थानीय बाजार के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी उनके फूलों की सप्लाई हो रही है, जिससे उनकी आमदनी में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। उत्तम सहाजी का कहना है कि अगर किसान नई तकनीकों को अपनाएं और सही प्रशिक्षण लें, तो खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। उनकी सफलता ने आसपास के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है, जो अब पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक और संरक्षित खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
सरकार की योजनाओं और कृषि विभाग के सहयोग से इस तरह की खेती को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है। उत्तम सहाजी की यह सफलता कहानी बताती है कि सही सोच, नई तकनीक और मेहनत के दम पर खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है।