नई दिल्ली।आलार करिस की पहली भारत यात्रा के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एस्टोनिया ने डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट में एस्टोनिया की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि एआई और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी नेतृत्वकारी भूमिका वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि भारत और एस्टोनिया का साझा विश्वास है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक कल्याण का माध्यम बनना चाहिए। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में साइबर सुरक्षा और एआई के सुरक्षित उपयोग को लेकर सहयोग और भी जरूरी हो गया है। राष्ट्रपति ने संतोष जताया कि डिजिटल क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से ही सार्थक सहयोग रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एस्टोनिया तकनीक और आईटी के क्षेत्र में अग्रणी है, जबकि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित और गतिशील है। एस्टोनिया की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के स्टार्टअप्स की ऊर्जा का संयोजन नवाचार, निवेश और डिजिटल समाधान के नए अवसर पैदा कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय संघ संबंध अब रणनीतिक गति के चरण में प्रवेश कर चुके हैं और भारत यूरोपीय संघ तथा उसके सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को अत्यंत महत्व देता है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल निष्कर्ष के लिए एस्टोनिया के समर्थन की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलेगा।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा और व्यापार विस्तार पर केंद्रित हाल के उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान में आई तेजी पर संतोष जताया।
दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति करिस की यह यात्रा भारत-एस्टोनिया संबंधों को नई दिशा देगी और डिजिटल नवाचार, एआई सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगी।