लातेहार।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार नक्सल/वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), लातेहार द्वारा 10 दिवसीय कृषि (खेती-बाड़ी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 23 दिसंबर 2025 को ई-समवाय, बरेसाड़ में किया गया।
यह कार्यक्रम 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक मृत्यंजय कुमार सिंह, थाना प्रभारी बरेसाड़ प्रभात कुमार दास, मायापुर पंचायत के मुखिया सुभाष कुमार सिंह, मीडियाकर्मी, स्थानीय ग्रामीण एवं एसएसबी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक संचालित होगा। इसमें लातेहार जिले के गारू प्रखंड अंतर्गत रामसैली, डारकोंचा, जामुनताड़, मायापुर, पहाड़कोंचा सहित आसपास के गांवों से आए कुल 50 ग्रामीण एवं युवा किसान भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर इसे अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीजों का चयन, फसल चक्र, जैविक खेती, उर्वरक एवं कीटनाशक प्रबंधन, साथ ही आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
32वीं वाहिनी एसएसबी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ग्रामीणों के उत्थान, स्वरोजगार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सामाजिक सौहार्द एवं स्थायी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।