- संविधान मर्यादा का आधार व इतिहास प्रेरणा का स्रोत
- संविधान का ज्ञान जीवनभर रहता है साथ: उप विकास आयुक्त
- कर्तव्य से ही राष्ट्र का विकास संभव : प्रो. के.के मिश्रा
- गौरवशाली इतिहास की कड़ी बने विद्यार्थी : प्रभात मिश्रा
स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों का हुआ सम्मान
केन्द्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय डालटनगंज द्वारा गिरिवर प्लस टू उच्च विद्यालय, मेदिनीनगर (पलामू) में संविधान दिवस 2025, जनजातीय गौरव दिवस और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी-सह- जागरूकता कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चित्र प्रदर्शनी के समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि संविधान मर्यादा का आधार और इतिहास प्रेरणा का स्रोत है।
संविधान का ज्ञान अर्जन आवश्यक : उप विकास आयुक्त
पलामू के उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने विद्यार्थियों को संविधान के महत्व पर प्रेरित करते हुए कहा कि संविधान का ज्ञान अर्जित करना प्रत्येक नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अच्छी बातों को आत्मसात करने से वे जीवनभर साथ रहती हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर संविधान से संबंधित सामग्री एवं एपिसोड देखने की सलाह दी तथा बताया कि पलामू का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम और संविधान सभा से जुड़ा हुआ है, जो यहां के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संविधान मर्यादाओं और कर्तव्य का निर्धारण करता है : प्रो. के.के. मिश्रा
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. के.के. मिश्रा ने राष्ट्र निर्माण में नागरिक के कर्तव्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अधिकारों की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठ होना अनिवार्य है।
उन्होंने संविधान को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि यह केवल अधिकार नहीं देता, बल्कि मर्यादा, कर्तव्य और अनुशासन का भी बोध कराता है। उन्होंने बताया कि पलामू से दो सदस्य संविधान सभा में शामिल थे तथा महान स्वतंत्रता सेनानी अशफाकउल्ला खान का पलामू से गहरा जुड़ाव रहा है।
विद्यार्थी गौरवशाली इतिहास की कड़ी बनें : प्रभात मिश्रा ‘सुमन’
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक प्रभात मिश्रा ‘सुमन’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पलामू के स्वतंत्रता संग्राम, स्थानीय क्रांतिकारियों और संविधान सभा में जिले की भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पलामू की धरती हमेशा संघर्ष व साहित्य-सृजन की केंद्र रही है। कांस फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित ‘अरण्येर दिनरात्रि’ फिल्म की शूटिंग पलामू में हुई थी। जन-गण-मन तथा वंदे मातरम के रचनाकारों का पलामू से संबंध रहा है।
उन्होंने गिरिवर विद्यालय के ऐतिहासिक नामकरण की जानकारी भी साझा की।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्वतंत्र अवश्य बनें, पर स्वच्छंद न हों और अपने इतिहास की गौरवशाली कड़ी बनें।
ज्ञान का विस्तार ही प्रदर्शनी का उद्देश्य : क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी
कार्यक्रम के प्रारंभ में केन्द्रीय संचार ब्यूरो, डालटनगंज के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी गौरव कुमार पुष्कर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों को बताया। उन्होंने कहा कि संविधान वह आधार है, जिस पर देश की समूची व्यवस्था और मर्यादा टिकी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील किया कि प्रदर्शनी से मिले ज्ञान को सहपाठियों और समाज के अन्य लोगों से साझा करें, ताकि संवैधानिक जागरूकता का दायरा व्यापक हो सके।
स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों एवं विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वतंत्रता सेनानी स्व. नीलकंठ सहाय के पुत्र अमित सहाय तथा जेपी रॉय के पुत्र गौतम रॉय को शॉल और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त बंगीय दुर्गाबाड़ी के अध्यक्ष देवेश मोइत्रा एवं सचिव दिवेंदू गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
गिरिवर प्लस टू उच्च विद्यालय के उन शिक्षकों को भी सम्मान प्रदान किया गया, जिन्होंने प्री-प्रोग्राम और प्रदर्शनी के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतिम दिन भी प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़
दूसरे और अंतिम दिन भी आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शित फोटोग्राफ एवं ऐतिहासिक तथ्यों को देखकर लोग पलामू की समृद्ध विरासत और संविधान की अवधारणाओं से अवगत हुए। आगंतुकों ने प्रदर्शनी की सराहना की।
प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार
दो दिवसीय प्रदर्शनी के पूर्व आयोजित रंगोली, भाषण, पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिताओं के द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को आज पुरस्कृत किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 26 नवंबर को सम्मानित किया गया था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सैकत चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में मासूम आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रस्तुति दी तथा संविधान आधारित नाटक के जरिए अधिकार और कर्तव्य पालन का संदेश दिया।
वहीं गिरिवर प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्र चंदन कुमार और उनके साथियों ने नागपुरी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का संचालन सैकत चट्टोपाध्याय तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार द्विवेदी ने किया। दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्थानी बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए आगंतुकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।