घाघरा/गुमला:- घाघरा प्रखंड के बाराडीह गांव में वर्ष 2021 से आंगनबाड़ी केंद्र निजी घर में संचालित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारी और कर्मी बच्चों के भविष्य को लेकर बिल्कुल लापरवाह हैं। अब तक किसी ने केंद्र का निरीक्षण करने की जरूरत नहीं समझी।
ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक नए भवन में केंद्र स्थानांतरित करने की कोई पहल नहीं की गई है। निजी घर में केंद्र चलने से बच्चों को ना तो पर्याप्त जगह मिलती है और न ही खेलकूद व पढ़ाई का माहौल।
एक साल का मिला है सिर्फ किराया
वहीं, जिस घर में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहा है, उसके मालिक ने बताया कि वर्ष 2021 से उन्होंने अपना कमरा भाड़े पर दिया है, लेकिन अब तक सिर्फ एक साल का ₹7200 किराया ही मिला है, बाकी भुगतान बकाया है।
ग्रामीणों ने विभाग के पदाधिकारी कर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फील्ड विजिट का जिनको जिम्मा मिला है।वह भी नहीं जातीं और सिर्फ दफ्तर में बैठकर समय गुजारती हैं और ड्यूटी का समय बिताती है।लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द केंद्र को नए भवन में स्थानांतरित किया जाए और बच्चों की सुविधा के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
इस बाबत बीडीओ दिनेश कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भवन का दिखवाते है हैंड ओवर बन कर हुआ है या नहीं हैंड ओवर अगर हुआ होगा तो शिफ्ट तुरंत कराया जाएगा।साथ ही अगर केंद्र का भाड़ा अगर बचा है तो उसको भी जांच कराते है रिक्यूजेशन आया है या जिला भेजा गया है।