टावर चौक पर पर्चे बांटकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जताया विरोध, चार श्रम कोड वापस लेने की मांग
गिरिडीह संवाददाता। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) तथा स्वतंत्र फेडरेशनों और यूनियनों के संयुक्त मंच झारखंड के आह्वान पर मंगलवार को गिरिडीह के टावर चौक में मजदूर-किसान संयुक्त मंच की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केसीआईटीयू, डीवाईएफआई और बीएसएसआरयू समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आम लोगों के बीच पर्चे वितरित कर अपनी मांगों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि देश वर्तमान में आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक चुनौतियों से गुजर रहा है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की निजीकरण, ठेकेदारीकरण, व्यवसायीकरण और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के कारण सार्वजनिक उपक्रमों, प्राकृतिक संसाधनों और जनकल्याणकारी क्षेत्रों पर निजी कंपनियों का प्रभाव बढ़ रहा है।
यूनियन का कहना है कि इन नीतियों के चलते रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं और श्रमिकों के अधिकार कमजोर पड़ रहे हैं। साथ ही किसानों और मेहनतकश लोगों की आजीविका पर भी संकट बढ़ रहा है। वक्ताओं ने आर्थिक असमानता बढ़ने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों में बदलाव की मांग की।
चार श्रम कोड वापस लेने की मांग
मजदूर-किसान संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार से चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके अलावा श्रमिकों और किसानों के हित में नीतियां बनाने, कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को समाप्त करने तथा आम जनता के हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को संविधान की मूल भावना के अनुरूप ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिनसे समाज के कमजोर और मेहनतकश वर्गों को राहत मिल सके।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कार्यकर्ता गिरफ्तारी देकर भी अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने आम लोगों से भी मजदूरों, किसानों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की।